अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قِسْمَةٌ: बंटा हुआ, हिस्सों में विभाजित।
- شِرْبٍ: पानी का हिस्सा, नसीब, बारी।
- مُحْتَضَرٌ: जिसके पास हाज़िर किया जाए, यानी जिसकी बारी हो वह उस समय मौजूद रहे।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अपनी क़ौम को साफ़-साफ़ ख़बर दे दो कि यह पानी उनके और इस ऊँटनी के बीच बाँट दिया गया है। एक दिन उनके लिए पानी होगा और एक दिन इस ऊँटनी के लिए। जिस दिन उनकी बारी होगी, वे पानी पर हाज़िर होंगे और उस दिन ऊँटनी को पानी से दूर रखा जाएगा। और जिस दिन ऊँटनी की बारी होगी, वह पानी पीने आएगी और उस दिन क़ौम के लोग पानी के पास नहीं आएँगे। यह अल्लाह की ओर से एक इम्तिहान (परीक्षा) था, ताकि यह साबित हो जाए कि कौन अपने नबी की बात मानता है और कौन सरकशी और इनकार पर अड़ा रहता है।
दावत और नसीहत:
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों को अलग-अलग तरीक़ों से आज़माता है। कभी वह नेमतें देकर शुक्र का इम्तिहान लेता है, तो कभी मुश्किलों में सब्र का। इस क़ौम ने अल्लाह के नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) की बात न मानी और ऊँटनी को काट डाला, जिसके नतीजे में उन पर अज़ाब आया। हमें चाहिए कि अल्लाह के हुक्मों के सामने सर झुकाएँ, उसके नबियों की तालीमात पर अमल करें और अपनी ज़िद व हठधर्मी से बचें। अल्लाह की रहमत उन्हीं के लिए है जो उसकी बात मानते हैं और उसके दीन की हिफ़ाज़त करते हैं। याद रखिए, अल्लाह का हर हुक्म बंदों की भलाई के लिए होता है, चाहे हमारी समझ में उसकी हिकमत कितनी ही छिपी क्यों न हो।
📜 आयत 26-30 — अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 28
सूरा अल-क़मर आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनको ख़बर कर दो कि उनमें पानी की बारी…सूरा आयत 28/55 — अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़मर सुनें, अल-क़मर अनुवाद, अल-क़मर mp3, अल-क़मर pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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