Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذُوقُوا: चखो, अनुभव करो।
- عَذَابِي: मेरा अज़ाब (यातना)।
- نُذُرِ: मेरी चेतावनियाँ (जो पैग़म्बरों के ज़रिए भेजी गईं)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब सुबह का वक़्त आया, तो अल्लाह का वो अज़ाब आ पहुँचा जो क़ौम-ए-लूत पर हमेशा के लिए मुक़र्रर हो चुका था। उन पर पत्थरों की बारिश हुई, उनकी बस्तियाँ उलट दी गईं, और उनका ऊपर का हिस्सा नीचे कर दिया गया। ये अज़ाब सिर्फ़ दुनिया तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्हें आख़िरत के अज़ाब तक ले जाने वाला था। उस वक़्त उनसे कहा गया: "अब चखो मेरा अज़ाब, जो तुम्हारे कुफ़्र और झुठलाने की वजह से तुम पर नाज़िल हुआ, और चखो मेरी चेतावनियों का अंजाम, जिनसे हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने तुम्हें डराया था।"
ये वो लोग थे जिन्होंने अल्लाह के नबी की बात नहीं मानी, हक़ को झुठलाया और अपनी शर्मनाक हरकतों पर अड़े रहे। जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो कोई पनाहगाह उन्हें न बचा सकी, और न ही उनकी ताक़त काम आई। ये एक ऐतिबार (सबक) है कि अल्लाह की चेतावनियाँ सच होकर रहती हैं, और उसका अज़ाब किसी को छोड़ता नहीं जब वो हद से गुज़र जाए।
दावती पहलू:
ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह रब्बुल-इज़्ज़त कितना रहीम और करीम है कि वो अपने बंदों को पहले चेतावनी देता है, पैग़म्बर भेजता है, और फिर भी अगर इंसान न माने तो अज़ाब आता है। ये हमारे लिए रहमत है कि हमें क़ुरआन और सुन्नत के ज़रिए लगातार आगाह किया जा रहा है। हमें चाहिए कि अल्लाह की चेतावनियों को गंभीरता से लें, अपनी ज़िंदगी को सुधारें, और उस रहमत के तलबगार बनें जो उसके फ़रमाँबरदार बंदों के लिए तैयार है। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है — बशर्ते हम तौबा करके उसकी तरफ़ पलटें।
📜 आयत 37-41 — सूरा अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 39
सूरा अल-क़मर आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मेरे अज़ाब और डराने के (पड़े) मज़े चखोसूरा आयत 39/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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