अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- आल-ए-फ़िरऔन: फ़िरऔन की क़ौम, उसके साथी और उसकी सरकार के लोग।
- नुज़ुर: (النُّذُر) यह 'नज़ीर' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है डराने वाला, सावधान करने वाला। यहाँ इससे मुराद हज़रत मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) हैं।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में फ़िरऔन और उसकी क़ौम के उस हाल का ज़िक्र कर रहे हैं, जब उनके पास अल्लाह की तरफ़ से डराने वाले और सावधान करने वाले पैग़म्बर आए। ये पैग़म्बर हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनके भाई हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) थे, जिन्हें अल्लाह ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम की हिदायत के लिए भेजा था। यह कोई मामूली बात नहीं थी कि अल्लाह की तरफ़ से किसी क़ौम के पास नुज़ुर (डराने वाले) आएँ — यह अल्लाह की रहमत और उसका इन्साफ़ था कि उसने अज़ाब भेजने से पहले उन्हें आगाह कर दिया, ताकि उनके पास कोई बहाना न बचे।
फ़िरऔन और उसकी क़ौम को ये नुज़ुर इसलिए दिए गए ताकि वे अपनी सरकशी और कुफ़्र से बाज़ आएँ, अल्लाह की इबादत की तरफ़ रुजू करें और मूसा (अलैहिस्सलाम) की दावत को क़बूल करें। लेकिन अफ़सोस! उन्होंने इन नुज़ुर को झुठलाया और अल्लाह के पैग़म्बरों का मुक़ाबला किया। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला कभी भी किसी क़ौम पर अज़ाब नाज़िल नहीं करता, जब तक कि उसके पास नुज़ुर (डराने वाले) न आ जाएँ। यह अल्लाह का पूरा इन्साफ़ है।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह रब्बुल-इज़्ज़त अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। वह चाहता तो बिना किसी तनबीह के अज़ाब भेज देता, लेकिन उसने अपनी रहमत से हमेशा पैग़म्बर और किताबें भेजकर लोगों को आगाह किया। आज हमारे पास कुरआन और रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत मौजूद है — यही हमारे लिए नुज़ुर हैं। जो इनसे हिदायत हासिल करेगा, वह दुनिया और आख़िरत में कामयाब होगा, और जो इन्हें झुठलाएगा या इनसे ग़ाफ़िल रहेगा, उसका अंजाम फ़िरऔन और उसकी क़ौम जैसा होगा। आइए हम अल्लाह के इन नुज़ुर को ग़ौर से सुनें, उन पर अमल करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें। यही हमारी भलाई का रास्ता है।
📜 आयत 39-43 — अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 41
सूरा अल-क़मर आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और फिरऔन के पास भी डराने वाले (पैग़म्बर) आएसूरा आयत 41/55 — अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़मर सुनें, अल-क़मर अनुवाद, अल-क़मर mp3, अल-क़मर pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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