अल-वाकिया · 46/96
अनुवाद उच्चारण — अल-वाकिया
وَكَانُوا يُصِرُّونَ عَلَى الْحِنثِ الْعَظِيمِ ۝٤٦
Wa kaanoo yusirroona `alal hinsil `azeem
📖 हिंदी अर्थ
और बड़े गुनाह (शिर्क) पर अड़े रहते थे

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📜 आयत 44-48 — अल-वाकिया

44لَّا بَارِدٍ وَلَا كَرِيمٍ
जो न ठन्डा और न ख़ुश आइन्द
45إِنَّهُمْ كَانُوا قَبْلَ ذَٰلِكَ مُتْرَفِينَ
ये लोग इससे पहले (दुनिया में) ख़ूब ऐश उड़ा चुके थे
46وَكَانُوا يُصِرُّونَ عَلَى الْحِنثِ الْعَظِيمِ
और बड़े गुनाह (शिर्क) पर अड़े रहते थे
47وَكَانُوا يَقُولُونَ أَئِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ
और कहा करते थे कि भला जब हम मर जाएँगे और (सड़ गल कर) मिटटी और हडिडयाँ (ही हडिडयाँ) रह जाएँगे
48أَوَآبَاؤُنَا الْأَوَّلُونَ
तो क्या हमें या हमारे अगले बाप दादाओं को फिर उठना है
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अनुवाद — अल-वाकिया 46

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Tuesday, August 18, 2026

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