अल-वाकिया · 58/96
अनुवाद उच्चारण — अल-वाकिया
أَفَرَأَيْتُم مَّا تُمْنُونَ ۝٥٨
Afara`aytum maa tumnoon
📖 हिंदी अर्थ
फिर तुम लोग (दोबार की) क्यों नहीं तस्दीक़ करते

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📜 आयत 56-60 — अल-वाकिया

56هَٰذَا نُزُلُهُمْ يَوْمَ الدِّينِ
क़यामत के दिन यही उनकी मेहमानी होगी
57نَحْنُ خَلَقْنَاكُمْ فَلَوْلَا تُصَدِّقُونَ
तुम लोगों को (पहली बार भी) हम ही ने पैदा किया है
58أَفَرَأَيْتُم مَّا تُمْنُونَ
फिर तुम लोग (दोबार की) क्यों नहीं तस्दीक़ करते
59أَأَنتُمْ تَخْلُقُونَهُ أَمْ نَحْنُ الْخَالِقُونَ
तो जिस नुत्फे क़ो तुम (औरतों के रहम में डालते हो) क्या तुमने देख भाल लिया है क्या तुम उससे आदमी बनाते हो या हम बनाते हैं
60نَحْنُ قَدَّرْنَا بَيْنَكُمُ الْمَوْتَ وَمَا نَحْنُ بِمَسْبُوقِينَ
हमने तुम लोगों में मौत को मुक़र्रर कर दिया है और हम उससे आजिज़ नहीं हैं
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अनुवाद — अल-वाकिया 58

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Tuesday, August 18, 2026

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