अल-हाक़्का · 23/52
अनुवाद उच्चारण — अल-हाक़्का
قُطُوفُهَا دَانِيَةٌ ۝٢٣
Qutoofuhaa daaniyah
📖 हिंदी अर्थ
जिनके फल बहुत झुके हुए क़रीब होंगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • قُطُوفُهَا – उस (जन्नत) के फल
  • دَانِيَةٌ – बहुत नज़दीक, झुके हुए, आसानी से हाथ लग जाने वाले

तफ़सीर:

यह आयत उस महान नेमत का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में तैयार की है। जब कोई मोमिन बंदा अपना आमालनामा दाहिने हाथ में लेता है, तो वह खुशी से चहक उठता है और कहता है: "लो, मेरा नामा पढ़ो!" क्योंकि उसे दुनिया में ही यक़ीन था कि उसे अपने अमलों का हिसाब देना है, इसलिए उसने ईमान और नेक कामों का ज़खीरा किया था।

अल्लाह तआला फरमाता है कि ऐसे लोगों के लिए "जन्नत के फल बहुत नज़दीक होंगे।" यानी जन्नत के मीठे और लज़ीज़ फल इतने करीब होंगे कि खड़ा होकर, बैठकर या लेटकर — किसी भी हालत में इंसान आसानी से उन्हें तोड़ सकेगा। उसे किसी मेहनत या मशक्कत की ज़रूरत नहीं होगी, न ही उसे दूर जाना पड़ेगा। यह अल्लाह की उस रहमत की निशानी है जो उसने अपने प्यारे बंदों के लिए रखी है।

यह आयत हमें बताती है कि जन्नत की नेमतें सिर्फ दूर की कल्पना नहीं हैं, बल्कि अल्लाह ने उन्हें अपने बंदों के लिए बेहद आसान और क़रीब बना दिया है। जिस तरह दुनिया में एक मेहमान के लिए मेज़बान बेहतरीन खाना पेश करता है, उसी तरह अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त अपने नेक बंदों को जन्नत के फल पेश करेगा — बिना किसी रुकावट के, बिना किसी तकलीफ के।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें अमल की तरफ राग़िब करती है। अगर हम चाहते हैं कि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिनके लिए यह नेमतें हैं, तो हमें दुनिया में ईमान और नेक अमल की ज़िंदगी गुज़ारनी होगी। जन्नत की यह क़ुर्बत उन्हीं को मिलेगी जो दुनिया में अल्लाह की इबादत और उसके रसूल ﷺ की पैरवी को अपना निशाना बनाएंगे। अल्लाह हम सबको अपनी जन्नत की उन नेमतों का हक़दार बनाए, आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 21-25 — अल-हाक़्का

21فَهُوَ فِي عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ
फिर वह दिल पसन्द ऐश में होगा
22فِي جَنَّةٍ عَالِيَةٍ
बड़े आलीशान बाग़ में
23قُطُوفُهَا دَانِيَةٌ
जिनके फल बहुत झुके हुए क़रीब होंगे
24كُلُوا وَاشْرَبُوا هَنِيئًا بِمَا أَسْلَفْتُمْ فِي الْأَيَّامِ الْخَالِيَةِ
जो कारगुज़ारियाँ तुम गुज़िशता अय्याम में करके आगे भेज चुके हो उसके सिले में मज़े से खाओ पियो
25وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِشِمَالِهِ فَيَقُولُ يَا لَيْتَنِي لَمْ أُوتَ كِتَابِيَهْ
और जिसका नामए आमाल उनके बाएँ हाथ में दिया जाएगा तो वह कहेगा ऐ काश मुझे मेरा नामए अमल न दिया जाता
अल-हाक़्काकुरान सूची
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23आयत

अनुवाद — अल-हाक़्का 23

सूरा अल-हाक़्का आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिनके फल बहुत झुके हुए क़रीब होंगे

सूरा आयत 23/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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