अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُرِيدُ: चाहता है
- يُخْرِجَكُم: तुम्हें निकाल दे
- مِّنْ أَرْضِكُمْ: तुम्हारी धरती से
- فَمَاذَا تَأْمُرُونَ: तो तुम क्या आदेश/सलाह देते हो
तफ़सीर (व्याख्या):
यह फ़िरऔन का कथन है, जो उसने अपने दरबार के सरदारों से कहा। फ़िरऔन ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के जादूगरों पर विजय पाने के बाद अपनी सभा में उपस्थित लोगों से कहा कि यह व्यक्ति (मूसा) चाहता है कि तुम सबको तुम्हारी इस धरती (मिस्र) से निकाल बाहर करे। फ़िरऔन ने उनसे पूछा: "तुम मुझे क्या सलाह देते हो? इस मामले में तुम्हारी क्या राय है?"
फ़िरऔन ने यह बात इसलिए कही ताकि वह अपने लोगों को मूसा (अलैहिस्सलाम) के विरुद्ध भड़का सके और उन्हें यह विश्वास दिला सके कि मूसा का उद्देश्य केवल उन्हें उनकी भूमि से बेदखल करना है। यह फ़िरऔन की ओर से एक चालाकी भरी बात थी, क्योंकि मूसा (अलैहिस्सलाम) ने कभी ऐसी बात नहीं कही थी। फ़िरऔन ने उन्हें यह डर दिखाया कि यदि मूसा की बात मान ली गई तो वे अपनी ज़मीन, अपनी संपत्ति और अपनी सत्ता से हाथ धो बैठेंगे। इसके बाद उसने उनसे सलाह माँगी कि वे क्या करना उचित समझते हैं।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि बातिल (असत्य) के लोग अपने नेता के इशारे पर सच्चाई को झुठलाने और उसके खिलाफ साज़िश करने में पीछे नहीं रहते। फ़िरऔन ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के खिलाफ झूठा प्रचार किया, जैसा कि हर ज़माने में ज़ालिम हुक्काम सच्चाई के दावेदारों के खिलाफ करते आए हैं।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि सच्चाई के दावेदार को अपने विरोधियों की चालों से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और उनके दुश्मनों की साज़िशें नाकाम कर देता है।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि जब कोई ज़ालिम शासक सच्चाई को दबाने की कोशिश करे, तो उसके झूठे प्रचार से प्रभावित न हों और सच्चाई पर डटे रहें। अल्लाह का वादा है कि सच्चाई ही अंततः जीतेगी।
- इस आयत में फ़िरऔन के इस कथन से यह भी सबक मिलता है कि इंसान अपनी ग़लतियों को छुपाने और अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए दूसरों पर इल्ज़ाम लगाता है, जबकि सच्चा मोमिन वह है जो अपनी ग़लती मान ले और तौबा कर ले।
📜 आयत 108-112 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 110
सूरा अल-आराफ आयत 110 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये चाहता है कि तुम्हें तुम्हारें मुल्क से निकाल बाहर…सूरा आयत 110/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 108–112. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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