अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَخْلَدَ إِلَى الْأَرْضِ: धरती की ओर झुक गया, दुनिया से लगाव रखा और उसी पर टिका रहा।
- يَلْهَثْ: कुत्ते की तरह जीभ बाहर निकालकर हाँफना।
- تَحْمِلْ عَلَيْهِ: उसे डाँटे, भगाए या उस पर हमला करे।
- فَاقْصُصِ الْقَصَصَ: ये किस्से सुनाओ, इतिहास की बातें बताओ।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में एक ऐसे इंसान का ज़िक्र कर रहे हैं जिसे उन्होंने अपनी आयतें और निशानियाँ दी थीं, लेकिन उसने उन्हें ठुकरा दिया और उन पर अमल नहीं किया। अल्लाह फ़रमाते हैं: अगर हम चाहते तो उसे इन आयतों की बरकत से ऊँचा उठा देते, उसे दुनिया और आख़िरत में बुलंद मुक़ाम देते, लेकिन उसने खुद को गिरा लिया। वह दुनिया की तरफ़ झुक गया, उसकी चकाचौंध और लज़्ज़तों में डूब गया, और अपनी नफ़्स की ख्वाहिशों का पैरोकार बन गया। उसने अपनी आख़िरत को बेच दिया और दुनिया को खरीद लिया।
फिर अल्लाह ने उसकी मिसाल कुत्ते से दी — कुत्ता चाहे उसे भगाओ या उसे छोड़ दो, हर हालत में वह हाँफता रहता है, जीभ बाहर निकाले रहता है। यही हाल उस इंसान का है जो अल्लाह की आयतों से दूर हो गया — चाहे उसे नसीहत की जाए या छोड़ दिया जाए, वह अपनी गुमराही और दुनिया के लालच में ही डूबा रहता है। नसीहत उस पर असर नहीं करती और अकेला छोड़ने पर भी वह सीधा नहीं होता। यह उन लोगों की मिसाल है जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया।
अल्लाह अपने नबी ﷺ से फ़रमाते हैं: ये किस्से और हालात लोगों को सुनाओ, ताकि वे सोचें और समझें कि अल्लाह की निशानियों से मुँह मोड़ने का अंजाम क्या होता है। जब वे इन हक़ीक़तों पर ग़ौर करेंगे, तो शायद उनके दिल जाग जाएँ और वे ईमान की राह पर चल पड़ें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि इल्म और समझ अकेले काफ़ी नहीं, बल्कि उस पर अमल ज़रूरी है। जो इंसान अल्लाह की आयतों को जानकर भी उन पर अमल नहीं करता, वह कुत्ते से भी बदतर हालत में हो जाता है। हमें चाहिए कि हम दुनिया की मोहब्बत को दिल से निकालें और अल्लाह की राह पर चलें। अल्लाह हर उस बंदे को ऊँचा उठाता है जो उसकी आयतों पर अमल करता है। यह किस्से हमारे लिए सबक़ हैं — कि हम उन लोगों की तरह न बनें जो नसीहत सुनकर भी बदलते नहीं। अल्लाह हमें सोचने-समझने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी आयतों पर ईमान लाते हैं और उन पर अमल करते हैं। आमीन।
📜 आयत 174-178 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 176
सूरा अल-आराफ आयत 176 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर हम चाहें तो हम उसे उन्हें आयतों की…सूरा आयत 176/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 174–178. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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