Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَانْسَلَخَ مِنْهَا: उन आयतों से निकल गया, जैसे साँप अपनी केंचुली से निकल जाता है। अर्थात उन्होंने उन आयतों को पूरी तरह त्याग दिया और उनसे कोई लाभ नहीं उठाया।
- فَأَتْبَعَهُ الشَّيْطَانُ: शैतान उसके पीछे लग गया और उस पर पूरी तरह हावी हो गया।
- الْغَاوِينَ: पथभ्रष्ट, गुमराह और विनष्ट होने वाले लोग।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन लोगों को उस व्यक्ति का हाल सुनाएँ जिसे हमने अपनी आयतें और स्पष्ट प्रमाण दिए थे। उसने उन्हें सीखा और समझा भी, उसे हक़ का ज्ञान हुआ, लेकिन उसने उन पर अमल नहीं किया। उसने उन आयतों को पूरी तरह त्याग दिया और उनसे इस प्रकार निकल गया जैसे साँप अपनी केंचुली से निकल जाता है। उसके इस त्याग के कारण शैतान उस पर हावी हो गया और उसका साथी बन गया। फिर वह उन लोगों में शामिल हो गया जो पथभ्रष्ट और विनष्ट हो गए, जबकि पहले वह हिदायत पाए हुए लोगों में से था। यह उसकी अवज्ञा और शैतान की आज्ञा मानने का परिणाम था कि वह ज्ञान पाकर भी गुमराही में जा पड़ा और उसका ज्ञान उसके लिए बर्बादी का कारण बन गया।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत उन विद्वानों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी है जो ज्ञान प्राप्त करते हैं लेकिन उस पर अमल नहीं करते। ज्ञान केवल सीखने का नाम नहीं, बल्कि उस पर अमल करना ही उसकी असली पहचान है।
- ज्ञान और हिदायत मिलने के बाद भी अगर इंसान उसे त्याग देता है, तो शैतान उस पर काबू पा लेता है और उसे गुमराही की ओर ले जाता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि ज्ञान का उद्देश्य अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन है। अगर ज्ञान इंसान को अल्लाह के करीब नहीं लाता, तो वह उसके लिए आज़ाब का कारण बन सकता है।
- इस्लाम में अमल के बिना ज्ञान अधूरा है। एक सच्चा मुसलमान वही है जो जो कुछ सीखता है, उस पर अमल करता है और अपने ज्ञान से दूसरों को भी नेकी की ओर बुलाता है।
- यह कहानी हमें शैतान के धोखे से बचने की ताकीद करती है कि जो व्यक्ति अल्लाह की आयतों से दूर होता है, वह शैतान का शिकार बन जाता है। इसलिए हमें हमेशा क़ुरआन और सुन्नत से जुड़े रहना चाहिए।
📜 आयत 173-177 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 175
सूरा अल-आराफ आयत 175 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम उन लोगों को उस शख़्श का…सूरा आयत 175/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 173–177. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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