अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَدْعُونَ – तुम पुकारते हो / उसे पुकारते हो
- مِن دُونِهِ – उसे (अल्लाह) छोड़कर
- لَا يَسْتَطِيعُونَ – वे सामर्थ्य नहीं रखते
- نَصْرَكُمْ – तुम्हारी सहायता करना
- وَلَا أَنفُسَهُمْ يَنصُرُونَ – और न ही वे अपनी ही सहायता कर सकते हैं
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मुशरिकीन को सम्बोधित करते हुए फ़रमा रहे हैं कि जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते हो—चाहे वे मूर्तियाँ हों, देवता हों, या कोई और माबूद—वे न तो तुम्हारी कोई सहायता कर सकते हैं और न ही अपनी ही रक्षा करने की शक्ति रखते हैं। वे पूर्ण रूप से असमर्थ और लाचार हैं। यदि उन पर कोई संकट आ जाए, कोई हानि पहुँचाना चाहे, या उन्हें कोई क्षति पहुँचे, तो वे स्वयं को भी नहीं बचा सकते। फिर ऐसे बेबस और विवश प्राणियों को अल्लाह के साथ साझीदार कैसे बनाया जा सकता है? उनसे सहायता की आशा कैसे की जा सकती है? यह बात पहले भी कही जा चुकी है, और यहाँ दोहराई गई है ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि ये माबूद न तो कोई लाभ पहुँचा सकते हैं और न ही कोई हानि। वे न तो किसी की मदद कर सकते हैं, न किसी को नुक़सान पहुँचा सकते हैं, और न ही अपनी ही रक्षा कर सकते हैं। ऐसी हालत में उन्हें पुकारना, उनसे मदद माँगना, और उनकी पूजा करना पूर्ण मूर्खता और भ्रम के अतिरिक्त कुछ नहीं है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची सहायता और मदद केवल अल्लाह ही से माँगनी चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ करने पर सक्षम है।
- हमें यह समझाती है कि अल्लाह के अतिरिक्त किसी और से मदद माँगना—चाहे वह कोई भी हो—बेकार और निरर्थक है, क्योंकि वे स्वयं असमर्थ हैं।
- यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) की सच्चाई को स्थापित करती है और शिर्क की बेबुनियादी को उजागर करती है।
- हमें यह शिक्षा देती है कि अपनी आशाओं और भरोसे को केवल अल्लाह पर ही केन्द्रित करना चाहिए, क्योंकि वही सुनने वाला, देखने वाला और हर चीज़ पर क़ादिर है।
- यह आयत हमें अल्लाह की महानता और उसकी शक्ति का एहसास कराती है, जिससे हमारे दिलों में उसके प्रति प्रेम, सम्मान और भरोसा बढ़ता है, और हम उसकी इबादत में सच्चे और मुख़लिस बनते हैं।
📜 आयत 195-199 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 197
सूरा अल-आराफ आयत 197 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह लोग (बुत) जिन्हें तुम ख़ुदा के सिवा (अपनी…सूरा आयत 197/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 195–199. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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