Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْتَمِعُوا لَهُ: उसकी ओर कान लगाकर ध्यान से सुनो।
- وَأَنصِتُوا: चुप रहो, कोई बातचीत न करो।
- لَعَلَّكُمْ تُرْحَمُونَ: ताकि तुम पर रहम किया जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ुरआन की तिलावत की जाए, तो ऐ लोगों! उसे पूरे ध्यान और एकाग्रता से सुनो, और चुप रहकर उसकी ओर कान लगाओ। इसका मतलब यह है कि क़ुरआन की तिलावत के दौरान न तो आपस में बातचीत करो, न किसी और काम में मशगूल हो जाओ, बल्कि पूरी तरह से उसकी ओर ध्यान दो ताकि उसे समझ सको और उससे सीख सको। यह आदेश इसलिए दिया गया है कि जब लोग क़ुरआन को ध्यान से सुनेंगे और समझेंगे, तो उनके दिल नर्म होंगे और वे अल्लाह की रहमत के हक़दार बनेंगे। यह नियम उस समय के लिए है जब क़ुरआन की तिलावत की जा रही हो, चाहे वह नमाज़ में हो या नमाज़ के बाहर, जैसे ख़ुत्बे या किसी दूसरे मौक़े पर। इसका मक़सद यह है कि क़ुरआन का पैग़ाम लोगों के दिलों में उतरे और उनकी ज़िंदगी को बदल दे।
फ़ायदे (उपदेश):
- क़ुरआन को सुनना और उस पर ध्यान देना अल्लाह की रहमत पाने का ज़रिया है। जो लोग क़ुरआन को ध्यान से सुनते हैं, अल्लाह उन पर अपनी ख़ास रहमत नाज़िल करता है।
- यह आदेश हमें सिखाता है कि अल्लाह के कलाम के सामने हमें अपनी बातें बंद कर देनी चाहिए। यह अदब (शिष्टाचार) है जो हमें सिखाता है कि अल्लाह की बात सबसे ऊपर है।
- क़ुरआन को सुनने का असली मक़सद उसे समझना और उस पर अमल करना है, सिर्फ़ सुन लेना काफ़ी नहीं। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह क़ुरआन को सुनते समय पूरी तरह से उसकी तरफ़ मुतवज्जह हो।
- यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि सुनने और समझने के लिए भी है। इसलिए जब कहीं क़ुरआन पढ़ा जाए, तो हमें चुप होकर सुनना चाहिए, चाहे हम उसे पढ़ना जानते हों या नहीं।
- इस आदेश में मुसलमानों के लिए एकता और भाईचारे का पैग़ाम है, क्योंकि जब सब लोग मिलकर क़ुरआन को सुनते हैं और चुप रहते हैं, तो एक ही उद्देश्य पर इकट्ठा होते हैं — अल्लाह की रहमत की तलाश।
📜 आयत 202-206 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 204
सूरा अल-आराफ आयत 204 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ईमानदार लोगों के वास्ते हिदायत और रहमत हैं (लोगों)…सूरा आयत 204/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 202–206. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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