अल-मुद्दस्सिर · 12/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
وَجَعَلْتُ لَهُ مَالًا مَّمْدُودًا ۝١٢
Wa ja`altu lahoo maalam mamdoodaa
📖 हिंदी अर्थ
और उसे बहुत सा माल दिया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَالًا مَّمْدُودًا: अत्यधिक धन, जो लगातार बढ़ता रहे और कभी समाप्त न हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि मुझे उस (वलीद बिन मुग़ीरा) के साथ अकेला छोड़ दे, जिसे मैंने अकेला पैदा किया—न तो उसके पास धन था और न ही संतान। फिर मैंने उसे अत्यधिक धन दिया, जो लगातार बढ़ता रहा, और उसे ऐसी संतान दी जो सदैव उसके पास रहती थी, और मैंने उसके लिए जीवन के सभी साधन आसान कर दिए। इसके बावजूद वह मेरा कृतज्ञ नहीं हुआ, बल्कि उसने मेरी नेमतों का इनकार किया और मेरे दीन का विरोध किया। वह यह आशा रखता है कि मैं उसे और अधिक दूँगा, हालाँकि उसने मेरे साथ कुफ़्र किया।

यह वलीद बिन मुग़ीरा है, जो सत्य का विरोध करने वाला और अल्लाह तथा उसके रसूल से शत्रुता रखने वाला था। अल्लाह तआला फ़रमाता है: यह उसकी सोच बिल्कुल ग़लत है, मैं उसे और नहीं दूँगा। उसके लिए तो कठोर यातना है, जिससे उसे कोई राहत नहीं मिलेगी। यह हर उस व्यक्ति का अंजाम है जो सत्य का विरोध करता है और उसे नकारता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतें और धन-दौलत उसकी रहमत का एक हिस्सा हैं, लेकिन यह हमेशा के लिए नहीं रहतीं। जो व्यक्ति अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करता है, अल्लाह उसे और देता है, और जो कुफ़्राने नेमत करता है, उससे नेमतें छीन ली जाती हैं। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करें और उसकी नेमतों का सही उपयोग करें। याद रखें, अल्लाह की नेमतें हमारी परीक्षा हैं, न कि हमारी इज़्ज़त का ज़रिया। जो व्यक्ति इन नेमतों को पाकर अल्लाह का विरोध करता है, उसका अंजाम बहुत बुरा होता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों के शुक्रगुज़ार बनें और उसकी राह में खर्च करें, ताकि हमारे पास मौजूद नेमतें बरकत वाली बन जाएँ।



📜 आयत 10-14 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

10عَلَى الْكَافِرِينَ غَيْرُ يَسِيرٍ
आसान नहीं होगा
11ذَرْنِي وَمَنْ خَلَقْتُ وَحِيدًا
(ऐ रसूल) मुझे और उस शख़्श को छोड़ दो जिसे मैने अकेला पैदा किया
12وَجَعَلْتُ لَهُ مَالًا مَّمْدُودًا
और उसे बहुत सा माल दिया
13وَبَنِينَ شُهُودًا
और नज़र के सामने रहने वाले बेटे (दिए)
14وَمَهَّدتُّ لَهُ تَمْهِيدًا
और उसे हर तरह के सामान से वुसअत दी
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 12

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Friday, October 2, 2026

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