अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَالًا مَّمْدُودًا: अत्यधिक धन, जो लगातार बढ़ता रहे और कभी समाप्त न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि मुझे उस (वलीद बिन मुग़ीरा) के साथ अकेला छोड़ दे, जिसे मैंने अकेला पैदा किया—न तो उसके पास धन था और न ही संतान। फिर मैंने उसे अत्यधिक धन दिया, जो लगातार बढ़ता रहा, और उसे ऐसी संतान दी जो सदैव उसके पास रहती थी, और मैंने उसके लिए जीवन के सभी साधन आसान कर दिए। इसके बावजूद वह मेरा कृतज्ञ नहीं हुआ, बल्कि उसने मेरी नेमतों का इनकार किया और मेरे दीन का विरोध किया। वह यह आशा रखता है कि मैं उसे और अधिक दूँगा, हालाँकि उसने मेरे साथ कुफ़्र किया।
यह वलीद बिन मुग़ीरा है, जो सत्य का विरोध करने वाला और अल्लाह तथा उसके रसूल से शत्रुता रखने वाला था। अल्लाह तआला फ़रमाता है: यह उसकी सोच बिल्कुल ग़लत है, मैं उसे और नहीं दूँगा। उसके लिए तो कठोर यातना है, जिससे उसे कोई राहत नहीं मिलेगी। यह हर उस व्यक्ति का अंजाम है जो सत्य का विरोध करता है और उसे नकारता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतें और धन-दौलत उसकी रहमत का एक हिस्सा हैं, लेकिन यह हमेशा के लिए नहीं रहतीं। जो व्यक्ति अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करता है, अल्लाह उसे और देता है, और जो कुफ़्राने नेमत करता है, उससे नेमतें छीन ली जाती हैं। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करें और उसकी नेमतों का सही उपयोग करें। याद रखें, अल्लाह की नेमतें हमारी परीक्षा हैं, न कि हमारी इज़्ज़त का ज़रिया। जो व्यक्ति इन नेमतों को पाकर अल्लाह का विरोध करता है, उसका अंजाम बहुत बुरा होता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों के शुक्रगुज़ार बनें और उसकी राह में खर्च करें, ताकि हमारे पास मौजूद नेमतें बरकत वाली बन जाएँ।
📜 आयत 10-14 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 12
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसे बहुत सा माल दियासूरा आयत 12/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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