अल-मुद्दस्सिर · 11/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
ذَرْنِي وَمَنْ خَلَقْتُ وَحِيدًا ۝١١
Zamee wa man khalaqtu waheedaa
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) मुझे और उस शख़्श को छोड़ दो जिसे मैने अकेला पैदा किया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذَرْنِي: मुझे छोड़ दो, मुझ पर छोड़ दो (अर्थात इसका हिसाब मुझ पर छोड़ दो)।
  • وَمَنْ خَلَقْتُ: और उसे जिसे मैंने पैदा किया।
  • وَحِيدًا: अकेला, बिना किसी माल और औलाद के (अपनी माँ के पेट से अकेला निकला)।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! मुझे और उस इंसान को आपस में छोड़ दो, जिसे मैंने अपनी माँ के पेट से अकेला पैदा किया—न उसके पास कोई माल था, न औलाद, न कोई सहारा। यह वही शख्स है जिसे बाद में मैंने खूब माल दिया, फैलाया हुआ धन दिया, और उसे मक्का में मौजूद बेटे दिए जो उसके पास ही रहते थे, और मैंने उसके लिए जीवन के सारे साधन आसान कर दिए। फिर भी वह इस सबके बाद यह चाहता है कि मैं उसे और अधिक दूँ—और वह मेरा कुफ़्र करता है, मेरी नेमतों का इनकार करता है।

हरगिज़ ऐसा नहीं है जैसा यह बदकार और गुनाहगार समझता है! मैं उसे इससे ज़्यादा नहीं दूँगा। यह शख्स क़ुरआन और अल्लाह की दलीलों का दुश्मन बन गया, उसने सच को झुठलाया और उसका विरोध किया। उसका अंजाम यह होगा कि मैं उस पर सख्त मुश्किल और थकाने वाला अज़ाब डालूँगा, जिससे उसे कोई राहत न मिलेगी।

यह आयत उस शख्स के बारे में उतरी जो हक़ का मुक़ाबला करने और अल्लाह और उसके रसूल से लड़ने के लिए उठा था—यानी वलीद बिन मुग़ीरा। और यही अंजाम है उस हर शख्स का जो हक़ का विरोध करता है और उसे ठुकराता है।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

ऐ इंसान! ज़रा सोच—जब तू अपनी माँ के पेट से निकला था, तो तेरे पास न कुछ था, न कोई सहारा। अल्लाह ने ही तुझे माल दिया, औलाद दी, और जीवन के साधन दिए। फिर क्या यही अल्लाह तेरी मदद के लिए काफी नहीं? क्या तू उसी का शुक्रिया अदा करने के बजाय उसका इनकार करता है? यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतें गिनने से खत्म नहीं होतीं, लेकिन कुफ़्र और अकड़ इंसान को उस अज़ाब की तरफ ले जाती है जिससे कोई बच नहीं सकता। आओ, हम अपने रब के शुक्रगुज़ार बनें, उसकी नेमतों को पहचानें, और क़ुरआन को अपना रहनुमा बनाएँ—क्योंकि क़ुरआन ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह उस बंदे से मुहब्बत करता है जो उसकी तरफ रुजू करता है, और उसे माफ़ कर देता है जो तौबा कर लेता है।



📜 आयत 9-13 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

9فَذَٰلِكَ يَوْمَئِذٍ يَوْمٌ عَسِيرٌ
तो वह दिन काफ़िरों पर सख्त दिन होगा
10عَلَى الْكَافِرِينَ غَيْرُ يَسِيرٍ
आसान नहीं होगा
11ذَرْنِي وَمَنْ خَلَقْتُ وَحِيدًا
(ऐ रसूल) मुझे और उस शख़्श को छोड़ दो जिसे मैने अकेला पैदा किया
12وَجَعَلْتُ لَهُ مَالًا مَّمْدُودًا
और उसे बहुत सा माल दिया
13وَبَنِينَ شُهُودًا
और नज़र के सामने रहने वाले बेटे (दिए)
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 11

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) मुझे और उस शख़्श को छोड़ दो जिसे…

सूरा आयत 11/56 — सूरा अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुद्दस्सिर सुनें, सूरा अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, सूरा अल-मुद्दस्सिर mp3, सूरा अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए