अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حُمُرٌ (हुमुरुन): गधे (जंगली गधे), यह 'हिमार' का बहुवचन है।
- مُسْتَنفِرَةٌ (मुस्तनफिरतुन): अत्यधिक भयभीत, भागने वाली, डरकर इधर-उधर भागती हुई।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इन आयात में मुशरिकीन (बहुदेववादियों) की उस हालत का वर्णन कर रहे हैं जब उनके सामने क़ुरआन की आयतें पढ़ी जाती हैं और उन्हें नसीहत दी जाती है। वे उससे इस तरह मुँह मोड़ लेते हैं और किनारा कर जाते हैं, जैसे कोई जंगली गधा किसी शेर के डर से इधर-उधर भागता है।
यह एक बहुत ही स्पष्ट और प्रभावशाली उदाहरण है। जिस तरह जंगली गधे जब किसी शिकारी या शेर को देखते हैं, तो वे बुरी तरह घबरा जाते हैं और अपनी जान बचाने के लिए पागलों की तरह भागते हैं, ठीक उसी तरह ये लोग क़ुरआन की आयतों को सुनकर उससे दूर भागते हैं। वे सत्य को सुनना नहीं चाहते, क्योंकि सत्य उनके अंधकारमय जीवन और बुरे आचरण को उजागर कर देता है।
यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन एक ऐसी रहमत और हिदायत है जिसे अल्लाह ने इंसानों की भलाई के लिए उतारा है। जो लोग इससे दूर भागते हैं, वह उनकी अपनी घाटे की बात है। वे उस नूर (रोशनी) से वंचित रह जाते हैं जो उनके दिलों को रोशन कर सकती थी, उस शिफ़ा (इलाज) से महरूम रह जाते हैं जो उनके दिलों के रोगों को ठीक कर सकती थी।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें इस आयत से सबक लेना चाहिए कि हम क़ुरआन से दूर न भागें, बल्कि उसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। क़ुरआन हमारी ज़िंदगी की हर मुश्किल का हल है। जो इसे अपनाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 48-52 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 50
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : गोया वह वहशी गधे हैंसूरा आयत 50/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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