अल-मुद्दस्सिर · 50/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُّسْتَنفِرَةٌ ۝٥٠
Ka annahum humurum mustanfirah
📖 हिंदी अर्थ
गोया वह वहशी गधे हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حُمُرٌ (हुमुरुन): गधे (जंगली गधे), यह 'हिमार' का बहुवचन है।
  • مُسْتَنفِرَةٌ (मुस्तनफिरतुन): अत्यधिक भयभीत, भागने वाली, डरकर इधर-उधर भागती हुई।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इन आयात में मुशरिकीन (बहुदेववादियों) की उस हालत का वर्णन कर रहे हैं जब उनके सामने क़ुरआन की आयतें पढ़ी जाती हैं और उन्हें नसीहत दी जाती है। वे उससे इस तरह मुँह मोड़ लेते हैं और किनारा कर जाते हैं, जैसे कोई जंगली गधा किसी शेर के डर से इधर-उधर भागता है।

यह एक बहुत ही स्पष्ट और प्रभावशाली उदाहरण है। जिस तरह जंगली गधे जब किसी शिकारी या शेर को देखते हैं, तो वे बुरी तरह घबरा जाते हैं और अपनी जान बचाने के लिए पागलों की तरह भागते हैं, ठीक उसी तरह ये लोग क़ुरआन की आयतों को सुनकर उससे दूर भागते हैं। वे सत्य को सुनना नहीं चाहते, क्योंकि सत्य उनके अंधकारमय जीवन और बुरे आचरण को उजागर कर देता है।

यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन एक ऐसी रहमत और हिदायत है जिसे अल्लाह ने इंसानों की भलाई के लिए उतारा है। जो लोग इससे दूर भागते हैं, वह उनकी अपनी घाटे की बात है। वे उस नूर (रोशनी) से वंचित रह जाते हैं जो उनके दिलों को रोशन कर सकती थी, उस शिफ़ा (इलाज) से महरूम रह जाते हैं जो उनके दिलों के रोगों को ठीक कर सकती थी।

प्यारे भाइयों और बहनों! हमें इस आयत से सबक लेना चाहिए कि हम क़ुरआन से दूर न भागें, बल्कि उसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। क़ुरआन हमारी ज़िंदगी की हर मुश्किल का हल है। जो इसे अपनाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 48-52 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

48فَمَا تَنفَعُهُمْ شَفَاعَةُ الشَّافِعِينَ
तो (उस वक्त) उन्हें सिफ़ारिश करने वालों की सिफ़ारिश कुछ काम न आएगी
49فَمَا لَهُمْ عَنِ التَّذْكِرَةِ مُعْرِضِينَ
और उन्हें क्या हो गया है कि नसीहत से मुँह मोड़े हुए हैं
50كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُّسْتَنفِرَةٌ
गोया वह वहशी गधे हैं
51فَرَّتْ مِن قَسْوَرَةٍ
कि येर से (दुम दबा कर) भागते हैं
52بَلْ يُرِيدُ كُلُّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ أَن يُؤْتَىٰ صُحُفًا مُّنَشَّرَةً
असल ये है कि उनमें से हर शख़्श इसका मुतमइनी है कि उसे खुली हुई (आसमानी) किताबें अता की जाएँ
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
50आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 50

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : गोया वह वहशी गधे हैं

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Thursday, October 1, 2026

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