अल-मुद्दस्सिर · 51/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
فَرَّتْ مِن قَسْوَرَةٍ ۝٥١
Farrat min qaswarah
📖 हिंदी अर्थ
कि येर से (दुम दबा कर) भागते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَرَّتْ: भाग गईं, पीछे हट गईं
  • قَسْوَرَةٍ: शेर (सिंह), या शिकारी (तेज़ निशानेबाज़)

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला ने उन लोगों की मिसाल बयान की है जो क़ुरआन की नसीहतों और पाठों से मुँह मोड़ते हैं। वे लोग जब क़ुरआन की आयतें सुनते हैं तो उनसे इस तरह भागते हैं जैसे जंगली गधे किसी शेर के डर से भागते हैं। यानी जिस तरह जंगली गधे शेर के सामने से जान बचाकर भागते हैं, ठीक उसी तरह ये लोग सच्चाई और हिदायत से दूर भागते हैं।

यहाँ "قَسْوَرَةٍ" से मुराद शेर है, और कुछ मुफ़स्सिरीन ने इसे शिकारी (तेज़ निशानेबाज़) से भी तफ़सीर किया है। दोनों मानों में बात स्पष्ट है कि ये लोग हक़ से इस कदर डरते और भागते हैं जैसे कोई जानवर अपने शिकारी या दुश्मन से भागता है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बड़ी सीख देती है। क़ुरआन वह किताब है जो इंसान को ज़िंदगी की सच्चाई, सही रास्ता और अल्लाह की रज़ा तक पहुँचाने का ज़रिया है। जो लोग इससे भागते हैं, वह दरअसल अपनी भलाई से भागते हैं। क़ुरआन कोई दुश्मन नहीं, बल्कि दोस्त है, रहनुमा है, और रहमत है। यह वह नूर है जो दिलों की अंधेरों को दूर करता है।

अल्लाह तआला हम सबको क़ुरआन से मुहब्बत करने, उसे समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। हमें उन लोगों में से न बनाए जो हक़ से भागते हैं, बल्कि हमें उन लोगों में शामिल करे जो क़ुरआन को सुनकर उसकी तरफ़ दौड़ते हैं और उसे अपनी ज़िंदगी में अपनाते हैं। आमीन।



📜 आयत 49-53 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

49فَمَا لَهُمْ عَنِ التَّذْكِرَةِ مُعْرِضِينَ
और उन्हें क्या हो गया है कि नसीहत से मुँह मोड़े हुए हैं
50كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُّسْتَنفِرَةٌ
गोया वह वहशी गधे हैं
51فَرَّتْ مِن قَسْوَرَةٍ
कि येर से (दुम दबा कर) भागते हैं
52بَلْ يُرِيدُ كُلُّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ أَن يُؤْتَىٰ صُحُفًا مُّنَشَّرَةً
असल ये है कि उनमें से हर शख़्श इसका मुतमइनी है कि उसे खुली हुई (आसमानी) किताबें अता की जाएँ
53كَلَّا ۖ بَل لَّا يَخَافُونَ الْآخِرَةَ
ये तो हरगिज़ न होगा बल्कि ये तो आख़ेरत ही से नहीं डरते
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
51आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 51

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि येर से (दुम दबा कर) भागते हैं

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Saturday, October 3, 2026

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