अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- التَّذْكِرَةِ: नसीहत और चेतावनी, यानी क़ुरआन करीम।
- مُعْرِضِينَ: मुँह मोड़ने वाले, किनारा करने वाले।
तफ़सीर:
इन मुशरिकों को क्या हो गया है कि वे क़ुरआन की नसीहत और चेतावनी से मुँह मोड़ रहे हैं? यह कैसी अजीब बात है कि जब उनके पास सबसे बेहतरीन नसीहत आई है, जो उन्हें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाने वाली है, तो वे उससे भाग रहे हैं।
यह उनकी हालत ऐसी है जैसे कोई जंगली गधा शेर के डर से इधर-उधर भागता है। वे सत्य को सुनने से कतराते हैं, क्योंकि सत्य उनकी मनमानियों और झूठे विश्वासों को तोड़ता है। वे जानते हैं कि यदि उन्होंने क़ुरआन को ध्यान से सुना, तो उनके दिल पिघल जाएँगे और उन्हें अपनी ग़लतियों का एहसास हो जाएगा, इसलिए वे दूर भागते हैं।
अल्लाह तआला यहाँ ताज्जुब के अंदाज़ में सवाल कर रहे हैं कि आख़िर उन्हें क्या हो गया है? क्या उनके पास कोई वजह है जो उन्हें नसीहत से दूर रखे? नहीं, कोई वजह नहीं। यह सिर्फ़ उनकी हठधर्मिता और अहंकार है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम क़ुरआन के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। क्या हम भी उन लोगों की तरह हैं जो क़ुरआन से मुँह मोड़ लेते हैं? या हम उन लोगों में से हैं जो क़ुरआन को खोलते हैं, पढ़ते हैं, समझते हैं और उस पर अमल करते हैं?
क़ुरआन वह किताब है जिसमें हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है। यह वह नसीहत है जो हमें जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत की राह दिखाती है। जो इसे अपनाएगा, वह कभी गुमराह नहीं होगा। अल्लाह हमें क़ुरआन से मुँह मोड़ने वालों में से न बनाए, बल्कि हमें उन लोगों में शामिल करे जो क़ुरआन को अपना साथी बनाते हैं, उस पर ग़ौर करते हैं और उसके अनुसार जीवन जीते हैं। आमीन।
📜 आयत 47-51 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 49
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन्हें क्या हो गया है कि नसीहत से मुँह…सूरा आयत 49/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








