अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَعَاذِيرَهُ: अपने बहाने, अपनी सफ़ाई में पेश किए जाने वाले तर्क और दलीलें।
तफ़सीर:
इंसान अपने आप पर ख़ुद गवाह है। उसके हाथ-पैर, आँखें, कान और ज़मीन के टुकड़े भी उसके ख़िलाफ़ गवाही देंगे। अल्लाह तआला ने इंसान को इतनी समझ और अक्ल दी है कि वह जानता है कि उसने क्या अच्छा किया और क्या बुरा। यहाँ तक कि अगर वह क़ियामत के दिन अपने गुनाहों को छुपाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाए, अपनी सफ़ाई में दलीलें पेश करे, और कहे कि "मैंने कोई गुनाह नहीं किया" या "मुझे मालूम ही नहीं था", तो भी ये बहाने उसे किसी काम न आएँगे।
अल्लाह तआला ने इंसान की अपनी ज़बान, उसके अंगों और उसके ज़मीर को उसके ख़िलाफ़ गवाह बना दिया है। उसकी आँखें बताएँगी कि उसने क्या देखा, उसके कान बताएँगे कि उसने क्या सुना, और उसके हाथ-पैर बताएँगे कि उनसे क्या काम लिए गए। इसलिए बहाने बनाना और झूठी दलीलें देना बिल्कुल बेकार है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने आप से ईमानदार होना चाहिए। हम अपने गुनाहों को छुपा सकते हैं दुनिया में, लेकिन अल्लाह से कुछ छुपा नहीं है। हमें चाहिए कि दुनिया में ही अपने आपको सुधार लें, तौबा कर लें, और अल्लाह से माफ़ी माँग लें। क़ियामत के दिन कोई बहाना काम नहीं आएगा, लेकिन आज दरवाज़ा खुला है — तौबा का दरवाज़ा। अल्लाह रहीम और ग़फ़ूर है, वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करता है। यही सबसे बड़ी कामयाबी है कि हम इस दुनिया में ही अपने रब की तरफ़ लौट आएँ और उसकी रहमत के तले पनाह लें।
📜 आयत 13-17 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 15
सूरा अल-क़ियामा आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगरचे वह अपने गुनाहों की उज्र व ज़रूर माज़ेरत पढ़ा…सूरा आयत 15/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








