अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا تُحَرِّكْ: हिलाओ मत, जल्दबाज़ी मत करो।
- بِهِ: इस (क़ुरआन) के साथ।
- لِسَانَكَ: अपनी ज़बान को।
- لِتَعْجَلَ بِهِ: इसकी जल्दी करने के लिए (यानी उसे जल्दी से याद करने की कोशिश में)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जब जिब्रील अमीन आप पर वह़ी लेकर आते हैं, तो आप उसे जल्दी से हिफ़्ज़ करने के लिए अपनी ज़बान को हिलाने की कोशिश न करें। यह एक बहुत ही नाज़ुक और प्यारा पल होता है, जब अल्लाह का कलाम आप पर उतरता है। आपका दिल चाहता है कि कोई शब्द छूट न जाए, इसलिए आप जिब्रील के साथ-साथ पढ़ने की कोशिश करते हैं। लेकिन अल्लाह तआला आपको तसल्ली देते हुए फ़रमाते हैं: “ऐ मेरे प्यारे नबी! जल्दबाज़ी न करो।”
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का काम अल्लाह खुद करता है। जो ज़िम्मेदारी अल्लाह ने ली है, उसके लिए हमें फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं। अल्लाह ने आपसे वादा किया है कि इस क़ुरआन को आपके सीने में जमा करना, आपको पढ़ाना और इसका मतलब समझाना — यह सब हमारा काम है। आपको सिर्फ़ सुनना है, ध्यान देना है, और फिर जैसे जिब्रील पढ़ाएँ, वैसे ही पढ़ना है।
यह हमारे लिए भी एक बहुत बड़ी नसीहत है। हम अक्सर जल्दबाज़ी में अपने कामों को ख़राब कर लेते हैं। हम सोचते हैं कि अगर हमने खुद कोशिश नहीं की तो काम नहीं होगा। लेकिन यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखो, उसके हुक्म का इंतज़ार करो, और जब वह रास्ता दिखाए, तो उस पर चलो। अल्लाह अपने बंदे की मदद ज़रूर करता है, बशर्ते वह सब्र करे और उसके हुक्म के आगे सर झुकाए।
और देखिए, अल्लाह ने अपने नबी को यह तसल्ली दी कि “हम जमा करेंगे, हम पढ़ाएँगे, हम समझाएँगे” — यानी तीनों काम अल्लाह ने अपने ज़िम्मे लिए। तो क्या हमें भी अपने दीन के मामले में यह यक़ीन नहीं रखना चाहिए कि अल्लाह हमारी रहनुमाई करेगा? बशर्ते हम सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करें और उसके हुक्मों को सुनें और मानें।
यह आयत हमें सब्र, तवक्कुल और अल्लाह के कलाम के आदाब सिखाती है। जब क़ुरआन पढ़ा जाए, तो हमें खामोशी से सुनना चाहिए, ध्यान से सुनना चाहिए, और फिर उस पर अमल करना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 14-18 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 16
सूरा अल-क़ियामा आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) वही के जल्दी याद करने वास्ते अपनी ज़बान…सूरा आयत 16/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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