अन-नबा · 25/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
إِلَّا حَمِيمًا وَغَسَّاقًا ۝٢٥
Illa hamee maw-wa ghas saaqa
📖 हिंदी अर्थ
और बहती हुई पीप के सिवा कुछ पीने को मिलेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • حَمِيمًا: अत्यंत गर्म पानी या उबलता हुआ पानी जो अपनी गर्मी की अत्यधिकता की वजह से चेहरे और शरीर को जला देता है।
  • غَسَّاقًا: इसके दो अर्थ बताए गए हैं — (1) बहुत ठंडा पदार्थ जो ठंडक की अत्यधिकता से जला दे, (2) जहन्नमियों का पीप, खून और बदबूदार रिसाव जो उनके शरीर से बहता है।

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला बताता है कि जहन्नम के काफिरों को वहाँ कोई ऐसा खाना-पीना नहीं मिलेगा जो उनकी प्यास बुझा सके या उनके दर्द को कम कर सके। उन्हें केवल दो चीज़ें मिलेंगी — एक तो हमीम यानी अत्यधिक गर्म उबलता हुआ पानी, जो उनकी आंतों को जला देगा, और दूसरा ग़स्साक़ यानी जहन्नमियों का पीप, खून और बदबूदार रिसाव, या फिर अत्यधिक ठंडा पदार्थ जो उनकी हड्डियों को चीर देगा। यह वह सज़ा है जो उनके कुफ्र और गुनाहों के बिल्कुल अनुरूप है — जैसे उन्होंने दुनिया में अल्लाह की नेमतों का इनकार किया और उसकी इबादत से मुँह मोड़ा, वैसे ही आख़िरत में उन्हें सिर्फ़ अज़ाब और बदबूदार चीज़ें मिलेंगी।

नसीहत और दावत:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और हमें उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है। अगर हम दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को मानें, उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें और अपने गुनाहों से तौबा करें, तो अल्लाह अपनी रहमत से हमें इस अज़ाब से बचा सकता है। याद रखें, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसी' (व्यापक) है — वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें और जन्नत की नेमतों के हक़दार बनें। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को क़ुरआन और सुन्नत के मुताबिक बनाएँ, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिन्हें सिर्फ़ हमीम और ग़स्साक़ मिले, बल्कि उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत की नेमतें और अल्लाह की रज़ा मिले।



📜 आयत 23-27 — सूरा अन-नबा

23لَّابِثِينَ فِيهَا أَحْقَابًا
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें
24لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرْدًا وَلَا شَرَابًا
न वहाँ ठन्डक का मज़ा चखेंगे और न खौलते हुए पानी
25إِلَّا حَمِيمًا وَغَسَّاقًا
और बहती हुई पीप के सिवा कुछ पीने को मिलेगा
26جَزَاءً وِفَاقًا
(ये उनकी कारस्तानियों का) पूरा पूरा बदला है
27إِنَّهُمْ كَانُوا لَا يَرْجُونَ حِسَابًا
बेशक ये लोग आख़ेरत के हिसाब की उम्मीद ही न रखते थे
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
25आयत

अनुवाद — अन-नबा 25

सूरा अन-नबा आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बहती हुई पीप के सिवा कुछ पीने को मिलेगा

सूरा आयत 25/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.





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Saturday, October 3, 2026

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