अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नख़िरा (نَخِرَة): चूर-चूर और रंदीदा हड्डियाँ, जो समय के साथ खोखली और बिखर जाएँ।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों की बात बयान कर रही है जो पुनर्जीवन (आख़िरत में दोबारा जी उठने) को असंभव समझते थे और उसका मज़ाक उड़ाते थे। वे कहते थे: "क्या जब हम मरकर चूर-चूर हड्डियाँ बन जाएँगे, तो क्या हमें दोबारा ज़िंदा किया जाएगा?" उनका यह कहना अल्लाह की क़ुदरत पर शक करना था, जबकि अल्लाह तआला ने उन्हें पहली बार पैदा किया, और जो पहली बार पैदा कर सकता है, वह दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
यह आयत हमें सिखाती है कि मौत का मतलब ख़ात्मा नहीं है, बल्कि यह एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। जिस तरह बीज ज़मीन में गलकर नया पौधा बनता है, उसी तरह इंसान की हड्डियाँ सड़-गलकर भी अल्लाह के हुक्म से दोबारा ज़िंदा होंगी। अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी नामुमकिन नहीं है।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि आख़िरत का दिन ज़रूर आएगा, और हर इंसान अपने अमल का हिसाब देगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, ताकि उस दिन हम कामयाब हों। जो लोग आज पुनर्जीवन को मुहाल समझते हैं, वे क़यामत के दिन अपनी ग़लती पर पछताएँगे, लेकिन तब पछतावा किसी काम न आएगा।
अल्लाह तआला की रहमत और क़ुदरत पर भरोसा रखें, क्योंकि वही है जो मुर्दों को ज़िंदा करेगा और हर इंसान को उसके कर्मों का बदला देगा। यह ईमान की बुनियाद है कि हम आख़िरत पर पूरा यक़ीन रखें और उसके लिए तैयारी करें।
📜 आयत 9-13 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 11
सूरा अन-नाज़ियात आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या जब हम खोखल हड्डियाँ हो जाएँगेसूरा आयत 11/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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