अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुन्ज़िर – डराने वाला, सचेत करने वाला
- यख़्शाहा – उस (क़ियामत) से डरता है
व्याख्या:
ऐ नबी! आपका काम क़ियामत का समय बताना नहीं है, क्योंकि यह ज्ञान केवल अल्लाह को है। आपका कार्य केवल उन लोगों को सचेत करना है जो उस दिन से डरते हैं। यही वे लोग हैं जो आपकी चेतावनी से लाभ उठाते हैं और अपने जीवन को सुधारते हैं। जो व्यक्ति क़ियामत के भय से अपने आचरण को संयत करता है, वही आपके अनुशासन का सच्चा अनुयायी है।
क़ियामत का भय एक ऐसी शक्ति है जो इंसान को गुनाहों से रोकती है और उसे नेक कर्मों की ओर प्रेरित करती है। जिस दिल में यह भय होता है, वह दिल अल्लाह की याद से भरा होता है और उसकी आँखें आँसुओं से नम होती हैं। यही वह दिल है जो आपकी दावत को कबूल करता है और सीधे रास्ते पर चलता है।
आपका मिशन उन लोगों के लिए है जो सच्चाई को समझने की क्षमता रखते हैं। जो लोग क़ियामत से डरते हैं, वे आपकी बातों को ध्यान से सुनते हैं और उन पर अमल करते हैं। उनके लिए आपकी चेतावनी एक रहमत है जो उन्हें जहन्नुम की आग से बचाती है और जन्नत की ओर ले जाती है।
याद रखें, क़ियामत का भय रखने वाले लोग ही असली कामयाब हैं। वे दुनिया में भले कर्म करते हैं और आख़िरत में सुखी रहते हैं। आपका काम केवल उन्हें याद दिलाना है कि वे अपने रब की ओर लौटें और उसके आदेशों का पालन करें। यही आपकी नबूवत का असली मक़सद है, और यही आपकी सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 43-46 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 45
सूरा अन-नाज़ियात आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है…सूरा आयत 45/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 43–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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