अन-नाज़ियात · 45/46
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नाज़ियात
إِنَّمَا أَنتَ مُنذِرُ مَن يَخْشَاهَا ۝٤٥
Innamaaa anta munziru maiy yakshaahaa
📖 हिंदी अर्थ
उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है तो तुम बस जो उससे डरे उसको डराने वाले हो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • मुन्ज़िर – डराने वाला, सचेत करने वाला
  • यख़्शाहा – उस (क़ियामत) से डरता है

व्याख्या:

ऐ नबी! आपका काम क़ियामत का समय बताना नहीं है, क्योंकि यह ज्ञान केवल अल्लाह को है। आपका कार्य केवल उन लोगों को सचेत करना है जो उस दिन से डरते हैं। यही वे लोग हैं जो आपकी चेतावनी से लाभ उठाते हैं और अपने जीवन को सुधारते हैं। जो व्यक्ति क़ियामत के भय से अपने आचरण को संयत करता है, वही आपके अनुशासन का सच्चा अनुयायी है।

क़ियामत का भय एक ऐसी शक्ति है जो इंसान को गुनाहों से रोकती है और उसे नेक कर्मों की ओर प्रेरित करती है। जिस दिल में यह भय होता है, वह दिल अल्लाह की याद से भरा होता है और उसकी आँखें आँसुओं से नम होती हैं। यही वह दिल है जो आपकी दावत को कबूल करता है और सीधे रास्ते पर चलता है।

आपका मिशन उन लोगों के लिए है जो सच्चाई को समझने की क्षमता रखते हैं। जो लोग क़ियामत से डरते हैं, वे आपकी बातों को ध्यान से सुनते हैं और उन पर अमल करते हैं। उनके लिए आपकी चेतावनी एक रहमत है जो उन्हें जहन्नुम की आग से बचाती है और जन्नत की ओर ले जाती है।

याद रखें, क़ियामत का भय रखने वाले लोग ही असली कामयाब हैं। वे दुनिया में भले कर्म करते हैं और आख़िरत में सुखी रहते हैं। आपका काम केवल उन्हें याद दिलाना है कि वे अपने रब की ओर लौटें और उसके आदेशों का पालन करें। यही आपकी नबूवत का असली मक़सद है, और यही आपकी सबसे बड़ी कामयाबी है।



📜 आयत 43-46 — सूरा अन-नाज़ियात

43فِيمَ أَنتَ مِن ذِكْرَاهَا
कि उसका कहीं थल बेड़ा भी है
44إِلَىٰ رَبِّكَ مُنتَهَاهَا
तो तुम उसके ज़िक्र से किस फ़िक्र में हो
45إِنَّمَا أَنتَ مُنذِرُ مَن يَخْشَاهَا
उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है तो तुम बस जो उससे डरे उसको डराने वाले हो
46كَأَنَّهُمْ يَوْمَ يَرَوْنَهَا لَمْ يَلْبَثُوا إِلَّا عَشِيَّةً أَوْ ضُحَاهَا
जिस दिन वह लोग इसको देखेंगे तो (समझेंगे कि दुनिया में) बस एक शाम या सुबह ठहरे थे
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीअवतरण स्थान
45आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 45

सूरा अन-नाज़ियात आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है…

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Wednesday, September 30, 2026

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