Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الصَّاخَّةُ: क़यामत की वह भयानक चीख़ (सूर) जो कानों को बहरा कर देने वाली हो। इसे 'साख्खा' इसलिए कहा गया क्योंकि यह कानों में इस तरह ज़ोर से पड़ती है कि उन्हें बहरा कर देती है। यह दूसरा सूर (नफ़्ख़ा) है, जिसके बाद सभी लोग क़ब्रों से उठ खड़े होंगे।
तफ़सीर:
जब वह भयानक और कानों को बहरा कर देने वाली चीख़ आएगी—यानी क़यामत का दूसरा सूर जो सभी मृतकों को ज़िंदा करके हश्र के मैदान में इकट्ठा कर देगा—तो उस वक़्त हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में इतना गुम हो जाएगा कि उसे अपने सबसे करीबी रिश्तेदारों की भी परवाह न रहेगी। उस दिन की दहशत और मुसीबत इतनी सख्त होगी कि इंसान अपने भाई से, अपनी माँ और बाप से, अपनी बीवी और बच्चों से भागेगा। हर शख्स उस दिन ऐसी परेशानी में होगा जो उसे दूसरों से बेखबर कर देगी।
यह आयत हमें उस अज़ीम दिन की याद दिलाती है जब सारे रिश्ते और मोहब्बतें बेकार हो जाएँगी, और हर इंसान सिर्फ अपने आमाल का हिसाब देखेगा। अल्लाह तआला हमें इस दिन के लिए तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। यह दिन हमारे लिए डर का नहीं, बल्कि नेक अमल करने वालों के लिए रहमत और कामयाबी का दिन होगा। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसकी राह में भलाई करते हैं, उनके लिए यह दिन खुशी और सफलता का दिन होगा। आओ हम सब इस दिन की तैयारी करें—नमाज़, रोज़ा, ज़कात, नेकी और अच्छे आचरण के ज़रिए—ताकि उस दिन हमारा पलड़ा भला आमाल से भारी हो और हम जन्नत की नेमतों से नवाज़े जाएँ। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 31-35 — सूरा अबस
अनुवाद — अबस 33
सूरा अबस आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद…सूरा आयत 33/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अबस
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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