अबस · 34/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
يَوْمَ يَفِرُّ الْمَرْءُ مِنْ أَخِيهِ ۝٣٤
Yauma yafir-rul mar-u min akheeh
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन आदमी अपने भाई

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • यफ़िर्रु – भागेगा, दूर भागेगा
  • अल-मर' – इंसान, व्यक्ति
  • अख़ीहि – अपने भाई से

तफ़सीर:

क़ियामत का दिन वह दिन होगा जब हर इंसान सिर्फ़ अपनी फ़िक्र में डूबा होगा। उस दिन की हौलनाकी और भयावहता इतनी सख्त होगी कि इंसान अपने सगे भाई से भी दूर भागेगा। आम ज़िंदगी में इंसान अपने भाई को सबसे क़रीबी समझता है, मुसीबत में उसी से मदद की उम्मीद करता है, लेकिन उस दिन हालात इतने भयानक होंगे कि हर शख्स सिर्फ़ अपनी नजात (मुक्ति) की फ़िक्र में लगा होगा और अपने सबसे क़रीबी रिश्तेदार से भी किनारा करेगा।

ये वो दिन होगा जब इंसान अपने भाई से, अपनी माँ से, अपने बाप से, अपनी बीवी से और अपने बेटों से भागेगा। हर शख्स उस दिन ऐसी मुसीबत में होगा जो उसे दूसरों की परवाह करने की फुर्सत ही नहीं देगी। क़ुरआन ने इस हकीकत को बयान करके हमें आगाह किया है कि वह दिन कितना सख्त होगा।

ये आयत हमें चेतावनी देती है कि आज का दिन वह दिन है जब हमें अपने रिश्तों, अपने भाईचारे और इंसानियत के हक़ों का ख़याल रखना चाहिए। आज हम अपने भाई की मदद करें, उसके दुख-सुख में शरीक हों, उसकी ज़रूरतों का ख़याल रखें। क़ियामत के दिन जब हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में होगा, तो हमारे अच्छे आमाल ही हमारे साथी होंगे। अल्लाह तआला ने हमें ये दुनिया इसलिए दी है ताकि हम अच्छे काम करें, एक-दूसरे के काम आएँ और अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) हासिल करें। जो आज दूसरों के काम आएगा, अल्लाह उसके काम उस दिन आएगा।

याद रखिए, ये ज़िंदगी आज़माइश (परीक्षा) की जगह है। आज हम जो बोएँगे, क़ियामत के दिन वही काटेंगे। अगर आज हम अल्लाह की इबादत करें, उसके बताए रास्ते पर चलें और लोगों के साथ भलाई करें, तो उस दिन हमारा डर ख़त्म हो जाएगा और हम अल्लाह की रहमत (दया) के साये में होंगे। अल्लाह तआला हम सबको उस सख्त दिन की मुसीबत से बचाए और अपनी जन्नत (स्वर्ग) में दाख़िल करे। आमीन।



📜 आयत 32-36 — सूरा अबस

32مَّتَاعًا لَّكُمْ وَلِأَنْعَامِكُمْ
चारपायों के फायदे के लिए (बनाया)
33فَإِذَا جَاءَتِ الصَّاخَّةُ
तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी
34يَوْمَ يَفِرُّ الْمَرْءُ مِنْ أَخِيهِ
उस दिन आदमी अपने भाई
35وَأُمِّهِ وَأَبِيهِ
और अपनी माँ और अपने बाप
36وَصَاحِبَتِهِ وَبَنِيهِ
और अपने लड़के बालों से भागेगा
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
34आयत

अनुवाद — अबस 34

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सूरा आयत 34/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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