अबस · 38/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ مُّسْفِرَةٌ ۝٣٨
Wujoo huny-yauma-izim-musfira
📖 हिंदी अर्थ
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وُجُوهٌ – चेहरे
  • يَوْمَئِذٍ – उस दिन
  • مُسْفِرَةٌ – चमकते हुए, प्रकाशित, खिले हुए

तफसीर:

क़ियामत का दिन वह दिन होगा जब हर इंसान का चेहरा उसके अंदर के हाल को ज़ाहिर कर देगा। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस दिन कुछ चेहरे ऐसे होंगे जो मुस्फ़िरा होंगे, यानी चमकते हुए, रौशन और खिले हुए। ये चेहरे उन लोगों के होंगे जो दुनिया में अल्लाह के फ़रमाँबरदार रहे, उसकी रहमत और मग़फिरत के उम्मीदवार रहे। उनके चेहरों पर सुकून, ख़ुशी और नूर साफ़ नज़र आएगा। ये नूर उनके ईमान, अच्छे आमाल और अल्लाह की रहमत का नतीजा होगा।

ये चेहरे उन लोगों के होंगे जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी की, नमाज़, रोज़ा, ज़कात और नेक कामों को अपनाया। उनके चेहरों पर वुज़ू का नूर, इबादत की रौनक और अल्लाह के ज़िक्र की चमक होगी। ये वो लोग हैं जिन्होंने क़ुरआन को अपना रहनुमा बनाया और सुन्नत को अपनी ज़िंदगी का उसूल। उनके चेहरे उस दिन इस क़दर रौशन होंगे कि देखने वालों को उनसे ख़ुशी और इत्मिनान मिलेगा।

अल्लाह तआला ने इस आयत में मोमिनीन को ख़ुशख़बरी दी है कि उनकी मेहनत और अच्छे आमाल बेकार नहीं जाएंगे। जो लोग दुनिया में अल्लाह की राह में मुश्किलें सहते हैं, उनके चेहरे क़ियामत के दिन ऐसे चमकेंगे जैसे सूरज की किरणें। ये अल्लाह की तरफ से उनका इनाम होगा।

इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, ताकि उस दिन हमारे चेहरे भी इन चमकते चेहरों में शामिल हों। ये वो चेहरे हैं जिनके बारे में अल्लाह ने फ़रमाया कि वे मुस्फ़िरा होंगे – यानी ऐसे रौशन कि उन पर कोई ग़म या उदासी का निशान नहीं होगा। ये उन लोगों की कामयाबी है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसकी रहमत के भूखे रहे।

आओ हम सब मिलकर अपने आमाल को सुधारें, अपनी नमाज़ों को पाबंदी से पढ़ें, अल्लाह के ज़िक्र को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं, ताकि उस दिन हमारे चेहरे भी इन्हीं चमकते चेहरों में शामिल हों और हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत की ख़ुशख़बरी मिले।



📜 आयत 36-40 — सूरा अबस

36وَصَاحِبَتِهِ وَبَنِيهِ
और अपने लड़के बालों से भागेगा
37لِكُلِّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ
उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों
38وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ مُّسْفِرَةٌ
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे
39ضَاحِكَةٌ مُّسْتَبْشِرَةٌ
ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)
40وَوُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ عَلَيْهَا غَبَرَةٌ
और बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
38आयत

अनुवाद — अबस 38

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सूरा आयत 38/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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