अबस · 39/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
ضَاحِكَةٌ مُّسْتَبْشِرَةٌ ۝٣٩
Dahi katum mustab shirah
📖 हिंदी अर्थ
ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ضَاحِكَةٌ: हँसती हुई, खिलखिलाती हुई (चेहरे पर प्रसन्नता की चमक)
  • مُسْتَبْشِرَةٌ: खुश होने वाली, आनंदित, शुभ समाचार पाकर प्रफुल्लित

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन (क़ियामत के दिन) नेक लोगों के चेहरे ऐसे होंगे जैसे सुबह की किरणों से चमकता हुआ आसमान — उनके चेहरे नूरानी होंगे, हँसते हुए और खुशी से भरे हुए। यह खुशी उस अपार रहमत और करामत की वजह से होगी जो अल्लाह तआला ने उनके लिए तैयार की है। जिस तरह एक माँ अपने बच्चे को देखकर मुस्कुराती है, या एक प्यासा व्यक्ति पानी पाकर खिल उठता है, उसी तरह ईमानवालों के चेहरे उस दिन अपने रब की रहमत और जन्नत की नेमतों को देखकर खिल उठेंगे।

यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा किया, उसकी आयतों पर ईमान लाए, और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढाला। उनके चेहरे की यह हँसी उनके दिलों की सफाई और अमल की खूबसूरती का आईना होगी।

दूसरी ओर, उसी दिन कुछ चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द और ज़िल्लत होगी — वे लोग जिन्होंने अल्लाह की नेमतों का इनकार किया, उसकी आयतों को झुठलाया, और अपनी सरकशी और गुनाहों में डूबे रहे। उनका अंजाम अल्लाह की याद से दूर रहने की वजह से बहुत बुरा होगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की रहमत और करामत का दरवाज़ा हर उस बंदे के लिए खुला है जो उसकी ओर रुजू करता है। जो लोग आज अल्लाह की इबादत में अपने आँसू बहाते हैं, उनके चेहरे उस दिन हँसेंगे। जो लोग आज रातों को जागकर दुआएँ करते हैं, उनकी आँखें उस दिन ठंडी होंगी। यह खुशी कोई साधारण खुशी नहीं, बल्कि वह खुशी है जो कभी खत्म नहीं होती — जन्नत की हमेशा रहने वाली नेमतें, अल्लाह का दीदार, और उसकी रज़ा।

तो आइए, हम अपने जीवन को इस तरह बनाएँ कि उस दिन हमारे चेहरे भी हँसते हुए हों, और हम उन लोगों में शामिल हों जिनके चेहरे पर नूर होगा। अल्लाह हमें अपनी रहमत से नवाज़े और हमें उन लोगों में से बनाए जो उस दिन मुस्कुरा रहे होंगे। आमीन।



📜 आयत 37-41 — सूरा अबस

37لِكُلِّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ
उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों
38وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ مُّسْفِرَةٌ
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे
39ضَاحِكَةٌ مُّسْتَبْشِرَةٌ
ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)
40وَوُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ عَلَيْهَا غَبَرَةٌ
और बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी
41تَرْهَقُهَا قَتَرَةٌ
उस पर सियाही छाई हुई होगी
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
39आयत

अनुवाद — अबस 39

सूरा अबस आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)

सूरा आयत 39/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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