अल-ग़ाशिया · 6/26
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-ग़ाशिया
لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ ۝٦
Laisa lahum ta`aamun illaa min daree
📖 हिंदी अर्थ
ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ضَرِيع (ज़री'): यह एक काँटेदार पौधा है, जिसे हिंदी में 'शबरक़' या 'झाड़ी' कहा जाता है। इसका हरा और ताज़ा भाग 'शिबरिक' कहलाता है, और जब यह सूख जाता है तो ज़हरीला हो जाता है। यह अत्यंत खराब और घिनौना भोजन है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में जहन्नम के अज़ाब का हाल बयान कर रहे हैं। क़यामत के दिन काफ़िरों के चेहरे ज़लील और रुसवा होंगे, वे सख्त मेहनत और थकान में मुब्तला होंगे। उन्हें ऐसी आग में डाला जाएगा जो बहुत तेज़ और भड़की हुई होगी, और उन्हें एक बहुत गर्म चश्मे से पिलाया जाएगा।

इस आयत में बताया गया है कि जहन्नम के लोगों के लिए कोई अच्छा खाना नहीं होगा, सिवाय 'ज़री' (काँटेदार पौधे) के। यह पौधा ज़मीन से चिपका हुआ, काँटों वाला और बदबूदार होता है। जब यह सूख जाता है, तो ज़हरीला हो जाता है। यह न तो उनके शरीर को ताक़त देगा, न ही उनकी भूख मिटाएगा, बल्कि उनकी पीड़ा और बढ़ाएगा। यह सबसे बुरा और घिनौना भोजन है, जो उनकी सज़ा का हिस्सा होगा।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि उसकी नाफ़रमानी का अंजाम कितना भयानक है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नेमतों की क़द्र नहीं करते और उसके हुक्मों को नहीं मानते, उनके लिए आख़िरत में ऐसा खाना होगा जो किसी भी इंसान के लिए कल्पना से परे है।

लेकिन अल्लाह रहमान और रहीम है, उसने हमें दुनिया में भेजकर रहमत का रास्ता दिखाया है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके दिए हुए रिज़्क़ का शुक्र अदा करें, और उसकी नेमतों का सही इस्तेमाल करें। याद रखें, दुनिया की ये नेमतें फ़ानी हैं, लेकिन आख़िरत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाए और जन्नत की नेमतों से नवाज़े। आमीन।



📜 आयत 4-8 — सूरा अल-ग़ाशिया

4تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةً
थके माँदे दहकती हुई आग में दाखिल होंगे
5تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ آنِيَةٍ
उन्हें एक खौलते हुए चशमें का पानी पिलाया जाएगा
6لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ
ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं
7لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ
जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा
8وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ
(और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे
अल-ग़ाशियाकुरान सूची
26आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अल-ग़ाशिया 6

सूरा अल-ग़ाशिया आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं

सूरा आयत 6/26 — सूरा अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-ग़ाशिया सुनें, सूरा अल-ग़ाशिया अनुवाद, सूरा अल-ग़ाशिया mp3, सूरा अल-ग़ाशिया pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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