अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَّبَ: झुठलाया, यानी रसूल ﷺ की लाई हुई बातों को नहीं माना।
- تَوَلَّىٰ: मुँह मोड़ लिया, यानी ईमान और आज्ञा पालन से पीछे हट गया।
विस्तृत तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान कर रहा है जो जहन्नुम की आग में झोंके जाएँगे। वह सबसे बदनसीब और सख्त शक़ावत वाला इंसान है जिसने अल्लाह के नबी मुहम्मद ﷺ को झुठलाया और उन पर ईमान लाने से इनकार कर दिया। उसने सच्चाई को सुनकर भी उसे कबूल नहीं किया, बल्कि उससे मुँह मोड़ लिया और अल्लाह की आज्ञा मानने से पीछे हट गया। यह वह व्यक्ति है जिसने अपने लिए हलाकत का रास्ता चुना, क्योंकि उसने रसूल ﷺ की दावत को झुठलाया और हक़ से अलग हो गया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि इंसान की किस्मत उसके अपने फैसलों से बनती है। अल्लाह ने हर इंसान को अक्ल और समझ दी है, और अपने रसूल भेजे ताकि लोग सीधे रास्ते पर चलें। जो इंसान इन नेमतों को ठुकरा दे और सच्चाई से मुँह मोड़ ले, वह अपने ऊपर ज़ुल्म करता है। लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है—उसने तौबा का दरवाज़ा हर वक्त खुला रखा है। जब तक साँसें बाकी हैं, इंसान अपने गुनाहों से तौबा करके जन्नत का हक़दार बन सकता है। यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने दिल को सच्चाई के लिए खुला रखें, रसूल ﷺ की मुहब्बत और ईमान को अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा खज़ाना बनाएँ, और कभी भी हक़ से मुँह न मोड़ें। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सच्चा ईमान और अच्छा अमल नसीब करे।
📜 आयत 14-18 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 16
सूरा अल-लैल आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसने झुठलाया और मुँह फेर लिया और जो बड़ा परहेज़गार…सूरा आयत 16/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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