अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَا يَصْلَاهَا — इस आग में प्रवेश करके उसकी ज्वाला को सहन करना, उसकी गर्मी को भोगना।
- إِلَّا الْأَشْقَى — सबसे अधिक अभागा, अत्यंत दुर्भाग्यशाली व्यक्ति।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस भयानक आग (जहन्नम) में केवल वही व्यक्ति प्रवेश करेगा और उसकी ज्वालाओं को सहेगा जो अत्यंत अभागा और दुर्भाग्यशाली है। वह कौन है? वह है जिसने अल्लाह के नबी मुहम्मद ﷺ को झुठलाया, ईमान से मुँह मोड़ा, और अल्लाह की आज्ञा का पालन करने से इनकार कर दिया। यह वह व्यक्ति है जिसने सत्य को जानते हुए भी उसे अस्वीकार किया और हठधर्मिता पर अड़ा रहा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत असीम है, लेकिन उसकी यात्रा भी उतनी ही सख्त है। जो व्यक्ति अपने पापों में डूबा रहे और तौबा न करे, वह इस आग से नहीं बच सकता। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि यह आग उनके लिए नहीं है जो ईमान लाए, अच्छे कर्म करें और अल्लाह की ओर लौटें।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि हम अपने जीवन को व्यर्थ न गँवाएँ। अल्लाह ने हमें अक्ल और समझ दी है ताकि हम सत्य को पहचानें। यह दुनिया एक परीक्षा है, और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल मिलेगा। आज हमारे पास मौका है कि हम अपने रब की ओर लौटें, उसके रसूल ﷺ की शिक्षाओं को अपनाएँ, और उस आग से बचने का रास्ता अपनाएँ। अल्लाह की रहमत के दरवाजे हमेशा खुले हैं, और वह अपने बंदों की तौबा कबूल करता है। आइए हम उन लोगों में से न बनें जो अभागे हैं, बल्कि उन लोगों में से बनें जो अल्लाह के प्यारे और उसकी जन्नत के हक़दार हैं। याद रखें, आज का फैसला हमारे हाथ में है — कल का नहीं।
📜 आयत 13-17 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 15
सूरा अल-लैल आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसमें बस वही दाख़िल होगा जो बड़ा बदबख्त हैसूरा आयत 15/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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