Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- السَّائِلَ: माँगने वाला, सवाल करने वाला, ज़रूरतमंद जो कुछ माँगे।
- فَلَا تَنْهَرْ: उसे न झिड़क, न डाँट, न धमकाओ, न अप्रिय शब्द कहो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को नसीहत कर रहे हैं कि जब कोई सवाल करने वाला या ज़रूरतमंद तुम्हारे पास आए, तो उसे कभी न झिड़को और न ही उस पर बुराई से चिल्लाओ। यह आदेश सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के लिए एक सुनहरा उसूल है। सवाल करने वाला चाहे माँगने के लिए आए या किसी ज़रूरत या दीन की बात पूछने के लिए, उसके साथ नरमी, मुहब्बत और इज़्ज़त से पेश आना चाहिए। अगर उसे कुछ देना संभव हो तो दे दो, और अगर कुछ न दे सको तो भी उसे मीठे शब्दों में, नरम अंदाज़ में जवाब दो, ताकि उसका दिल न टूटे। यह अल्लाह की रहमत और अच्छे अख़्लाक़ की तालीम है। जो लोग दूसरों की मदद करते हैं और सवाल करने वालों के साथ नर्मी बरतते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है और उनके रिज़्क़ में बरकत डालता है। याद रखिए, एक मुसलमान की पहचान उसके अच्छे अख़्लाक़ से है, और सवाल करने वाले को न झिड़कना अल्लाह की रज़ा का ज़रिया है। आइए हम इस नसीहत पर अमल करें और अपने दिलों को नरमी और रहमदिली से भरें, ताकि हम अल्लाह के प्यारे बंदे बन सकें।
📜 आयत 8-11 — सूरा अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 10
सूरा अद-दुहा आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : माँगने वाले को झिड़की न देनासूरा आयत 10/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 8–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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