अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْيَتِيمَ: वह बच्चा जिसका पिता मर चुका हो और वह छोटी उम्र में हो।
- تَقْهَرْ: उसे दबाना, उस पर ज़ुल्म करना, उसकी इज़्ज़त को ठेस पहुँचाना, या उसके अधिकारों को हड़प लेना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को, और उनके माध्यम से पूरी उम्मत को, एक बेहद प्यारी और नेक नसीहत दे रहे हैं। जिस तरह अल्लाह ने आप ﷺ को यतीम पाया और आपको सहारा दिया, उसी तरह आप भी यतीमों के साथ नरमी और शफ़क़त से पेश आइए। यानी जो बच्चा अपने पिता की मौत के बाद अकेला और कमज़ोर हो जाता है, उस पर कभी ज़ुल्म न करें, न उसे दबाएँ, न उसके माल को हड़पने की कोशिश करें, और न ही उसे ऐसे शब्द कहें जिससे उसके दिल को ठेस पहुँचे। यतीम की कमज़ोरी उसकी ग़लती नहीं है, बल्कि यह एक इम्तिहान है — उसके आस-पास के लोगों के लिए कि वे उसके साथ कैसा सलूक करते हैं। इस्लाम ने यतीमों की देखभाल को बहुत बड़ी नेकी और उन पर ज़ुल्म करने को बहुत बड़ा गुनाह बताया है। यह आदेश सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो चाहता है कि उसका दिल साफ़ रहे और उसकी दुआएँ क़ुबूल हों। यतीम की सरपरस्ती करना, उसे प्यार देना, उसकी परवरिश करना और उसके हक़ की हिफ़ाज़त करना — यही वह रास्ता है जो अल्लाह के करीब ले जाता है। और जो लोग यतीमों के साथ नेकी करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है। याद रखिए, अल्लाह ने ख़ुद अपने नबी ﷺ को यतीमी की हालत से निकालकर सहारा दिया, तो हमें भी चाहिए कि हम यतीमों के सहारा बनें, उनकी मुश्किलें आसान करें और उन्हें महसूस कराएँ कि वे इस समाज का अहम हिस्सा हैं। यही अल्लाह की रज़ा का ज़रिया है और यही सच्ची इंसानियत है।
📜 आयत 7-11 — अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 9
सूरा अद-दुहा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम भी यतीम पर सितम न करनासूरा आयत 9/11 — अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुहा सुनें, अद-दुहा अनुवाद, अद-दुहा mp3, अद-दुहा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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