Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرَّحْمَٰنِ (अर-रहमान): अत्यंत दयालु, जिसकी दया समस्त सृष्टि को समेटे हुए है।
- الرَّحِيمِ (अर-रहीम): बड़ा ही दयावान, जो विशेष रूप से अपने ईमानवाले बंदों पर दया करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला की ये दो पवित्र विशेषताएँ हैं — "अर-रहमान" और "अर-रहीम" — जो उसके गुणों का वर्णन करती हैं। "अर-रहमान" उस दया को दर्शाता है जो सभी प्राणियों, चाहे वे ईमानवाले हों या न हों, पर व्याप्त है। यह दया सारी सृष्टि को शामिल करती है — हर जीव, हर इंसान, हर मख़लूक़ इसी दया का परिणाम है। वहीं "अर-रहीम" उस विशेष दया को बयान करता है जो अल्लाह अपने मोमिन बंदों पर करता है — उन्हें हिदायत देता है, उनके गुनाह माफ़ करता है, उन्हें जन्नत से नवाज़ता है, और उनके दिलों को सुकून व इत्मीनान अता करता है।
इन दोनों नामों का उल्लेख "बिस्मिल्लाह" और सूरह फ़ातिहा की शुरुआत में बार-बार आता है, ताकि बंदा हर काम की शुरुआत अल्लाह की दया के नाम से करे और यह महसूस करे कि उसका रब कितना दयालु है। यह भी एक प्रकार की स्तुति है जो पिछली आयत "अल्हम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन" के बाद आती है — यानी जब हम अल्लाह की हम्द (प्रशंसा) करते हैं, तो उसकी दया का ज़िक्र करना उस प्रशंसा को और गहरा बना देता है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की दया असीम है — वह सिर्फ़ मुसलमानों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर रहमत बरसाता है। यह हमें सिखाता है कि हमें भी अपने दिल में सबके लिए रहम और भलाई रखनी चाहिए।
- यह आयत हमें उम्मीद देती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं ज़्यादा है — चाहे हमसे कितनी भी ग़लतियाँ हुई हों, अगर हम तौबा करें तो वह हमें माफ़ कर सकता है।
- "अर-रहमान" और "अर-रहीम" का बार-बार ज़िक्र हमें सिखाता है कि हमारा रब कठोर या निर्दयी नहीं है, बल्कि वह अपने बंदों से बेहद मुहब्बत करता है — यही बात हमें उसकी इबादत की ओर खींचती है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने जीवन में दया और करुणा का गुण अपनाना चाहिए — जैसे अल्लाह हम पर रहम करता है, हमें भी दूसरों पर रहम करना चाहिए।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-फातिहा
अनुवाद — अल-फातिहा 3
सूरा अल-फातिहा आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रहमान और रहीम है।सूरा आयत 3/7 — सूरा अल-फातिहा الفاتحة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फातिहा सुनें, सूरा अल-फातिहा अनुवाद, सूरा अल-फातिहा mp3, सूरा अल-फातिहा pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फातिहा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


