अल-फातिहा · 3/7
अनुवाद उच्चारण — अल-फातिहा
الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ ۝٣
Ar-Rahmaanir-Raheem
📖 हिंदी अर्थ
रहमान और रहीम है।
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الرَّحْمَٰنِ (अर-रहमान): अत्यंत दयालु, जिसकी दया समस्त सृष्टि को समेटे हुए है।
  • الرَّحِيمِ (अर-रहीम): बड़ा ही दयावान, जो विशेष रूप से अपने ईमानवाले बंदों पर दया करता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला की ये दो पवित्र विशेषताएँ हैं — "अर-रहमान" और "अर-रहीम" — जो उसके गुणों का वर्णन करती हैं। "अर-रहमान" उस दया को दर्शाता है जो सभी प्राणियों, चाहे वे ईमानवाले हों या न हों, पर व्याप्त है। यह दया सारी सृष्टि को शामिल करती है — हर जीव, हर इंसान, हर मख़लूक़ इसी दया का परिणाम है। वहीं "अर-रहीम" उस विशेष दया को बयान करता है जो अल्लाह अपने मोमिन बंदों पर करता है — उन्हें हिदायत देता है, उनके गुनाह माफ़ करता है, उन्हें जन्नत से नवाज़ता है, और उनके दिलों को सुकून व इत्मीनान अता करता है।

इन दोनों नामों का उल्लेख "बिस्मिल्लाह" और सूरह फ़ातिहा की शुरुआत में बार-बार आता है, ताकि बंदा हर काम की शुरुआत अल्लाह की दया के नाम से करे और यह महसूस करे कि उसका रब कितना दयालु है। यह भी एक प्रकार की स्तुति है जो पिछली आयत "अल्हम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन" के बाद आती है — यानी जब हम अल्लाह की हम्द (प्रशंसा) करते हैं, तो उसकी दया का ज़िक्र करना उस प्रशंसा को और गहरा बना देता है।

फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. अल्लाह की दया असीम है — वह सिर्फ़ मुसलमानों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर रहमत बरसाता है। यह हमें सिखाता है कि हमें भी अपने दिल में सबके लिए रहम और भलाई रखनी चाहिए।
  2. यह आयत हमें उम्मीद देती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं ज़्यादा है — चाहे हमसे कितनी भी ग़लतियाँ हुई हों, अगर हम तौबा करें तो वह हमें माफ़ कर सकता है।
  3. "अर-रहमान" और "अर-रहीम" का बार-बार ज़िक्र हमें सिखाता है कि हमारा रब कठोर या निर्दयी नहीं है, बल्कि वह अपने बंदों से बेहद मुहब्बत करता है — यही बात हमें उसकी इबादत की ओर खींचती है।
  4. यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने जीवन में दया और करुणा का गुण अपनाना चाहिए — जैसे अल्लाह हम पर रहम करता है, हमें भी दूसरों पर रहम करना चाहिए।
🎧 सुनें

📜 आयत 1-5 — अल-फातिहा

1بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
2الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
3الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
रहमान और रहीम है।
4مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
रोज़े जज़ा का मालिक है।
5إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
अल-फातिहाकुरान सूची
7आयत
मक्कीRevelation
3आयत

अनुवाद — अल-फातिहा 3

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सूरा आयत 3/7 — अल-फातिहा الفاتحة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फातिहा सुनें, अल-फातिहा अनुवाद, अल-फातिहा mp3, अल-फातिहा pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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