अल-फातिहा · 4/7
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फातिहा
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ ۝٤
Maaliki Yawmid-Deen
📖 हिंदी अर्थ
रोज़े जज़ा का मालिक है।

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مَالِكِ: स्वामी, अधिपति।
  • يَوْمِ الدِّينِ: प्रतिशोध और हिसाब-किताब का दिन, यानी क़ियामत का दिन।

विस्तृत व्याख्या:

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपनी महानता और सत्ता का परिचय देते हुए फ़रमाते हैं कि वही अकेला "यौमिद्दीन" (प्रतिशोध और हिसाब के दिन) का मालिक है। यानी जिस दिन सारे संसार का अंत होगा, सभी लोग अपनी क़ब्रों से उठेंगे और अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे, उस दिन का पूर्ण अधिकार और शासन केवल अल्लाह के हाथ में होगा। उस दिन कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के काम नहीं आ सकेगा, न कोई सिफ़ारिश कर सकेगा, न कोई मदद कर सकेगा। हर इंसान अपने अच्छे या बुरे कर्मों का फल पाने के लिए अकेला खड़ा होगा।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी एक परीक्षा है, और अंतिम फैसला उस दिन होगा। जिस प्रकार एक राजा अपने राज्य का पूर्ण अधिकार रखता है, उसी प्रकार अल्लाह उस दिन का एकमात्र शासक होगा। अरबी भाषा में एक कहावत है: "जैसा तुम करोगे, वैसा ही तुम्हें मिलेगा" — यानी जो व्यक्ति इस दुनिया में जैसा कर्म करेगा, उसे उसी के अनुसार प्रतिफल मिलेगा।

इस आयत को पढ़ने का एक विशेष लाभ यह है कि जब भी कोई मुसलमान अपनी हर नमाज़ में यह आयत पढ़ता है, तो उसे उस महान दिन की याद आती है। यह याद उसे अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देती है और बुरे कामों से दूर रहने की ताक़त प्रदान करती है। यह आयत मोमिन के दिल में अल्लाह का खौफ़ पैदा करती है, साथ ही यह विश्वास भी दिलाती है कि अल्लाह न्याय करने वाला है, इसलिए किसी पर ज़ुल्म नहीं होगा।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपनी ज़िंदगी को इस तरह बिताना चाहिए कि उस दिन हम शर्मिंदा न हों। जो लोग अल्लाह पर विश्वास रखते हैं और उसकी बताई राह पर चलते हैं, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है, और जो लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं, उनके लिए पछतावे के सिवा कुछ नहीं। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 2-6 — सूरा अल-फातिहा

2الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
3الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
रहमान और रहीम है।
4مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
रोज़े जज़ा का मालिक है।
5إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
6اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ
हमें सीधा रास्ता दिखा।
अल-फातिहाकुरान सूची
7आयत
मक्कीअवतरण स्थान
4आयत

अनुवाद — अल-फातिहा 4

सूरा अल-फातिहा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रोज़े जज़ा का मालिक है।

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Tuesday, September 29, 2026

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