Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अल-इह्न (الْعِهْنِ): ऊन, विशेष रूप से रंगीन ऊन।
- अल-मन्फूश (الْمَنفُوشِ): धुना हुआ, यानी जिसे धुनकर अलग-अलग किया गया हो ताकि वह हल्का और बिखरा हुआ हो जाए।
तफसीर (व्याख्या):
उस भयानक दिन (क़ियामत) का दृश्य और भी भयावह होगा जब पहाड़, जो अपनी मज़बूती और स्थिरता के लिए जाने जाते हैं, उस स्थिति में पहुँच जाएँगे कि वे धुने हुए रंगीन ऊन के समान हो जाएँगे। जिस तरह ऊन को धुनने से वह हल्का, बिखरा हुआ और हवा में उड़ने लायक हो जाता है, उसी तरह पहाड़ उस दिन अपनी गति और हल्केपन में उस ऊन की तरह हो जाएँगे। उनके कण बिखर जाएँगे, वे अपनी जड़ों से उखड़ जाएँगे और आसमान में धूल की तरह उड़ेंगे, फिर वे पूरी तरह मिट जाएँगे। यह अल्लाह तआला की कुदरत का अज़ीमुश्शान नमूना है कि जो चीज़ें सबसे ज़्यादा मज़बूत और भारी लगती हैं, वे उसके हुक्म से रुई के गाले की तरह हल्की और बेबस हो जाएँगी।
यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि इस दुनिया की हर चीज़ फ़ानी है, चाहे वह कितनी ही बड़ी और मज़बूत क्यों न हो। अल्लाह तआला की कुदरत के आगे सब कुछ बेबस है। यह हमारे लिए एक इबरत है कि हम अपनी ज़िंदगी में उस चीज़ पर भरोसा रखें जो कभी खत्म नहीं होती — यानी अल्लाह का ज़िक्र, उसकी इबादत और नेक अमल। जिस दिन पहाड़ तक अपनी जगह नहीं रख पाएँगे, उस दिन हमारे अमल ही हमारे काम आएँगे। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें, तौबा करें और अच्छे कामों में जल्दी करें, ताकि उस दिन हमारा पलड़ा भारी हो और हम क़ियामत की घबराहट से सुरक्षित रहें। याद रखिए, यह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन की तैयारी ही असली कामयाबी है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 5
सूरा अल-क़ारिया आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और पहाड़ धुनकी हुई रूई के से हो जाएँगेसूरा आयत 5/11 — सूरा अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ारिया सुनें, सूरा अल-क़ारिया अनुवाद, सूरा अल-क़ारिया mp3, सूरा अल-क़ारिया pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ारिया
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


