अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مِرْيَةٍ: संदेह, भ्रम या शंका।
- نَصِيبَهُمْ: उनका हिस्सा, यानी उनके लिए निर्धारित दंड या भाग्य।
- غَيْرَ مَنقُوصٍ: बिना किसी कमी के, पूर्ण रूप से।
व्याख्या:
हे नबी! आप उन चीज़ों के बारे में किसी भी प्रकार के संदेह में न पड़ें जिन्हें ये मुशरिकीन (बहुदेववादी) पूजते हैं। उनकी यह पूजा न तो किसी तर्क पर आधारित है और न ही किसी प्रमाण पर; बल्कि यह केवल उनके पूर्वजों की अंधी परंपरा की नकल है। वे उन्हीं माबूदों (पूज्यों) की पूजा करते हैं जिनकी उनसे पहले उनके बाप-दादे पूजा करते थे, बिना यह जाने कि यह सत्य है या असत्य। यह एक स्पष्ट भ्रम है, और आपको इसकी सत्यता के बारे में कोई शंका नहीं होनी चाहिए। हमने उनके लिए उनका पूरा हिस्सा (अर्थात उनके कर्मों का पूर्ण परिणाम) निर्धारित कर दिया है, जो उन्हें अवश्य मिलेगा—चाहे वह दुनिया में हो या आख़िरत में—बिना किसी कमी या कटौती के। यह आदेश केवल नबी के लिए नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के लिए एक शिक्षा है कि सत्य पर दृढ़ रहें और बातिल (असत्य) के प्रति किसी भी प्रकार के संदेह से बचें।
शिक्षाएँ और लाभ:
- सत्य की पहचान तर्क और प्रमाण से होती है, न कि पूर्वजों की नकल से। इसलिए हमें हर मामले में कुरआन और सुन्नत को ही मापदंड बनाना चाहिए।
- अंधी परंपरा और पैतृक रीति-रिवाजों का पालन करना, जब वे सत्य के विरुद्ध हों, मानव को पथभ्रष्ट करता है। हमें सत्य को अपनाना चाहिए, भले ही वह हमारे समाज या परिवार की परंपराओं से अलग हो।
- अल्लाह का न्याय पूर्ण है—वह किसी के साथ अन्याय नहीं करता और हर कर्म का पूरा फल देता है। यह हमें आश्वस्त करता है कि बुराई का अंत अवश्य होगा और अच्छाई की जीत निश्चित है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य के मार्ग पर चलते समय किसी भी प्रकार के संदेह या झिझक से बचना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का वादा सत्य है और उसकी सहायता अवश्य आती है।
📜 आयत 107-111 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 109
सूरा हूद आयत 109 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये वह बख़्शिस है जो कभी मनक़तआ (खत्म) न होगी…सूरा आयत 109/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 107–111. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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