Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَذِيرٌ: डराने वाला, सचेत करने वाला
- مُبِينٌ: स्पष्ट, खुला हुआ, जो अपनी बात को साफ़ और स्पष्ट रूप से बयान करे
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने अपने पैगंबर हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) को उनकी क़ौम की ओर रसूल बनाकर भेजा। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "मैं तुम्हारे लिए अल्लाह की तरफ से एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ। मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता हूँ और तुम्हें उस रास्ते की ओर बुलाता हूँ जो अल्लाह ने मेरे ज़रिए भेजा है। मेरी बात कोई छिपी या अस्पष्ट नहीं है, बल्कि मैं अपने आपको और अपने पैग़ाम को पूरी तरह स्पष्ट करके पेश कर रहा हूँ। मैं तुम्हें अल्लाह की इबादत की तरफ बुलाता हूँ और उसके अज़ाब से डराता हूँ, ताकि तुम अपने कुफ़्र और गुनाहों से बाज़ आओ और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनो।"
यह आयत बताती है कि हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) का पैग़ाम कोई संदिग्ध या धुंधला नहीं था, बल्कि वह पूरी वज़ाहत के साथ अपनी क़ौम के सामने पेश किया गया। उन्होंने अपनी क़ौम को साफ़-साफ़ बता दिया कि मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराने वाला हूँ, और यही मेरा फ़र्ज़ है।
फ़ायदे:
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह के पैगंबर अपनी उम्मत के लिए सबसे ज़्यादा शफ़ीक़ और मेहरबान होते हैं। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को अज़ाब से डराकर उनकी भलाई चाही, यानी एक सच्चा मुसलमान भी अपने भाइयों को अल्लाह के अज़ाब से डराता है और उनकी भलाई की तमन्ना रखता है।
- दीन की दावत में स्पष्टता और वज़ाहत बहुत ज़रूरी है। हमें अपने ईमान और अक़ीदे को बिना किसी झिझक और अस्पष्टता के पेश करना चाहिए, जैसा कि हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने किया।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह का पैग़ाम सुनने के बाद कोई बहाना नहीं बन सकता। जब पैगंबर स्पष्ट रूप से सचेत कर देते हैं, तो फिर लोगों के पास कोई उज़्र (बहाना) नहीं रहता।
- हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की दावत हमारे लिए नमूना है कि हमें अपने परिवार, समाज और दोस्तों को अल्लाह के दीन की तरफ बुलाना चाहिए, भले ही लोग हमारी बात न मानें, लेकिन हमारा फ़र्ज़ सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाना है।
📜 आयत 23-27 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 25
सूरा हूद आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और उन्होने अपनी क़ौम से कहा कि) मैं तो तुम्हारा…सूरा आयत 25/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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