अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَنبَاءِ الْغَيْبِ: परोक्ष (छिपी हुई) ख़बरें, जो इंसान के ज्ञान और अनुभव से परे हों।
- نُوحِيهَا: हम (अल्लाह) उसे तुम्हारी ओर वह्य (प्रकाशना) के रूप में भेजते हैं।
- الْعَاقِبَةُ: अंतिम परिणाम, आख़िरत का अंजाम या अंततः मिलने वाला प्रतिफल।
- الْمُتَّقِينَ: वे लोग जो अल्लाह से डरते हैं और उसके आदेशों का पालन करते हुए निषेधों से बचते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत नूह (अलैहिस्सलाम) की कहानी के अंत में आई है, और अल्लाह अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि ये वृत्तांत, जो तुम्हें सुनाए गए हैं, परोक्ष की ख़बरें हैं। ये ऐसी घटनाएँ हैं जो तुम्हारी अपनी जानकारी में नहीं थीं और न ही तुम्हारी क़ौम को इनका कोई ज्ञान था। यह सब कुछ अल्लाह की ओर से वह्य के माध्यम से तुम्हें दिया गया है, ताकि तुम इनसे सबक़ लो और अपने क़ौम को सचेत करो।
इससे पहले, न तो तुम (ऐ मुहम्मद!) इन ऐतिहासिक घटनाओं से वाक़िफ़ थे और न ही तुम्हारी क़ौम के लोग, क्योंकि ये बातें किसी किताब में दर्ज नहीं थीं और न ही कोई इंसानी ज्ञान इन तक पहुँच सकता था। यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि यह वह्य अल्लाह की ओर से है, क्योंकि एक अनपढ़ व्यक्ति के लिए इतनी गहरी और सटीक ऐतिहासिक जानकारियाँ लाना असंभव है।
फिर अल्लाह अपने नबी को धैर्य का आदेश देता है: जैसे नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम के अत्याचारों और झुठलाने पर सैकड़ों वर्षों तक धैर्य दिखाया, उसी प्रकार तुम भी अपनी क़ौम की ओर से मिलने वाले कष्टों और आरोपों पर धैर्य रखो। अल्लाह का वादा है कि अंतिम सफलता और विजय उन्हीं को मिलेगी जो उससे डरते हैं, उसके आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं। यह सफलता दुनिया में भी हो सकती है और आख़िरत में अवश्य होगी, जहाँ उन्हें जन्नत और अल्लाह की रज़ा मिलेगी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- वह्य की सच्चाई: यह आयत साबित करती है कि क़ुरआन अल्लाह की ओर से है, क्योंकि इसमें ऐसी परोक्ष ख़बरें हैं जो किसी इंसान को नहीं मालूम थीं। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है।
- धैर्य का महत्व: नबियों की ज़िंदगी हमें सिखाती है कि सच्चाई के रास्ते में मुश्किलें आएँगी, लेकिन धैर्य और अल्लाह पर भरोसा ही कामयाबी की कुंजी है।
- परिणाम का नियम: दुनिया में चाहे कुछ भी हो, आख़िरी फ़ैसला अल्लाह के पास है, और वहाँ सिर्फ़ मुत्तक़ी (परहेज़गार) लोग ही कामयाब होंगे। यह हमें अच्छे कर्मों और तक़वा अपनाने की प्रेरणा देता है।
- क़ुरआन की शिक्षा: यह कहानियाँ सिर्फ़ इतिहास नहीं हैं, बल्कि हमारे लिए सबक़ हैं कि हम अपने जीवन में सच्चाई, धैर्य और अल्लाह की आज्ञाकारिता को अपनाएँ।
📜 आयत 47-51 — हूद
अनुवाद — हूद 49
सूरा हूद आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) ये ग़ैब की चन्द ख़बरे हैं जिनको तुम्हारी…सूरा आयत 49/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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