अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَا وَيْلَتَى: यह अरबी में आश्चर्य और हैरानी व्यक्त करने का शब्द है, जो किसी अत्यंत महत्वपूर्ण घटना पर बोला जाता है। इसका अर्थ है "हाय! कितना आश्चर्य है!"
- بَعْلِي: मेरा पति।
- شَيْخًا: बूढ़ा, वृद्ध।
- عَجِيبٌ: आश्चर्यजनक, हैरान करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह के फ़रिश्तों ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की पत्नी सारा को इस ख़ुशख़बरी की बशारत दी कि उन्हें एक बेटा (इस्हाक़) होगा, तो वे बड़े आश्चर्य में पड़ गईं। उन्होंने कहा: "हाय! मुझ पर क्या आश्चर्य की बात है! मैं कैसे बच्चे को जन्म दूँ, जबकि मैं एक बूढ़ी औरत हूँ और यह मेरा पति भी बहुत बुज़ुर्ग हो चुका है? यह तो बड़ी ही अजीब और हैरान करने वाली बात है!"
उनका यह आश्चर्य अल्लाह की क़ुदरत पर शक करने के कारण नहीं था, बल्कि यह उस उम्र में बच्चे के पैदा होने की आम रीति और प्राकृतिक नियम के विपरीत होने की वजह से था। वे जानती थीं कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, लेकिन यह बात उनके लिए हैरानी का सबब बनी कि इस उम्र में यह कैसे मुमकिन है? यह उनकी फ़ितरती और स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी, जो किसी अनोखी बात को सुनकर इंसान के ज़ेहन में आती है।
फ़ायदे और सबक:
- अल्लाह की क़ुदरत की अज़मत: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की क़ुदरत किसी उम्र, हालत या वज़ाह से मुक़य्यद नहीं है। जब वह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो उसके लिए सिर्फ़ "कुन" (हो जा) कहना काफ़ी है। इसलिए हमें कभी भी अल्लाह की रहमत और क़ुदरत से मायूस नहीं होना चाहिए।
- आश्चर्य का जायज़ होना: इंसान का किसी अनोखी बात पर हैरान होना कोई बुरी बात नहीं है, बशर्ते वह अल्लाह की क़ुदरत पर शक न करे। हज़रत सारा का आश्चर्य ईमान के साथ था, इसलिए अल्लाह ने उन्हें माफ़ फ़रमाया और यह बात क़ुरआन में बयान की।
- अल्लाह की रहमत से उम्मीद: जब इंसान उम्र के आख़िरी हिस्से में होता है, तो उसे लगता है कि अब कोई ख़ैर और भलाई नहीं हो सकती। लेकिन यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और उसकी अता किसी भी हालत में इंसान तक पहुँच सकती है। हमें हमेशा अल्लाह से अच्छी उम्मीद रखनी चाहिए।
- पैग़म्बरों के घराने की बरकत: यह घटना बताती है कि अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के घराने को बुज़ुर्गी की उम्र में भी संतान देकर सम्मानित किया, ताकि यह साबित हो कि यह संतान अल्लाह की ख़ास देन है, न कि सिर्फ़ प्राकृतिक प्रक्रिया का नतीजा।
📜 आयत 70-74 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 72
सूरा हूद आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह कहने लगी ऐ है क्या अब मै बच्चा जनने…सूरा आयत 72/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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