अल-हिज्र · 22/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
وَأَرْسَلْنَا الرِّيَاحَ لَوَاقِحَ فَأَنزَلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَسْقَيْنَاكُمُوهُ وَمَا أَنتُمْ لَهُ بِخَازِنِينَ ۝٢٢
Wa arsalnar riyaaha la waaqiha fa anzalnaa minas samaaa`i maaa`an fa asqai naakumoohu wa maaa antum lahoo bikhaazineen
📖 हिंदी अर्थ
और हम ही ने वह हवाएँ भेजी जो बादलों को पानी से (भरे हुए) है फिर हम ही ने आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने तुम लोगों को वह पानी पिलाया और तुम लोगों ने तो कुछ उसको जमा करके नहीं रखा था

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَوَاقِحَ: बादलों को गर्भवती करने वाली हवाएँ, यानी वे हवाएँ जो बादलों में पानी के कणों को जमा कर बारिश का कारण बनती हैं।
  • فَأَسْقَيْنَاكُمُوهُ: हमने उसे (पानी को) तुम्हारे पीने के लिए उपलब्ध कराया।
  • بِخَازِنِينَ: उसे संभालकर रखने वाले, उसके भंडार को अपने नियंत्रण में रखने वाले।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपनी असीम शक्ति और दया का एक अद्भुत नमूना पेश करते हुए बताया कि उसने हवाओं को इस काबिल बनाया कि वे बादलों को गर्भवती करें। यानी हवाएँ समुद्रों और नदियों से भाप उठाकर बादलों तक पहुँचाती हैं, और फिर उन बादलों को इकट्ठा करके बारिश का कारण बनती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह अल्लाह के नियंत्रण में है। फिर उसी बादल से उसने पानी बरसाया और उसे तुम्हारे पीने के लिए उपलब्ध कराया। यह पानी न सिर्फ तुम्हारी प्यास बुझाता है, बल्कि तुम्हारी ज़मीन को उपजाऊ बनाता है, तुम्हारे जानवरों को सींचता है, और तुम्हारी ज़िंदगी का आधार बनता है।

लेकिन इस पानी को ज़मीन में जमा करके, उसे झरनों, कुओं और नदियों के रूप में संभालकर रखने की ताकत तुम्हारे पास नहीं है। तुम न तो उसे अपने नियंत्रण में रख सकते हो, न ही उसे अपनी मर्ज़ी से ज़मीन में जमा कर सकते हो। यह अल्लाह ही है जो अपनी रहमत से उसे ज़मीन में जमा करता है, ताकि तुम्हें ज़रूरत के वक्त मिल सके। अगर अल्लाह चाहता तो इस पानी को ज़मीन में जाने से रोक देता या उसे खारा कर देता, लेकिन उसने अपनी दया से इसे मीठा और पीने योग्य बनाया और उसे ज़मीन में जमा करने का इंतज़ाम किया।

फायदे और सबक:

  1. यह आयत हमें अल्लाह की उस नेमत को याद दिलाती है जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं — पानी। हमें चाहिए कि हम हर घूँट पानी पर अल्लाह का शुक्र अदा करें, क्योंकि यह उसकी देन है।
  2. हवाओं और बादलों का यह सिस्टम अल्लाह की कुदरत का एक जीता-जागता सबूत है। जो इंसान इस पर गौर करे, वह अल्लाह की ताकत और हिकमत को समझ सकता है और उसकी तरफ रुजू कर सकता है।
  3. इंसान अपनी तमाम तरक्की और तकनीक के बावजूद पानी को अपने नियंत्रण में नहीं रख सकता। इससे हमें यह सबक मिलता है कि हमारी ताकत सीमित है, और असली ताकत और इंतज़ाम अल्लाह के हाथ में है। इसलिए हमें उसी पर भरोसा रखना चाहिए।
  4. यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की याद दिलाती है — उसने पानी को ज़मीन में जमा करने का इंतज़ाम किया, ताकि हमें हर मौसम में पीने के लिए मिल सके। यह उसकी मुहब्बत और देखभाल का सबूत है, जो हमें उसके और करीब लाती है।


📜 आयत 20-24 — अल-हिज्र

20وَجَعَلْنَا لَكُمْ فِيهَا مَعَايِشَ وَمَن لَّسْتُمْ لَهُ بِرَازِقِينَ
और हम ही ने उन्हें तुम्हारे वास्ते ज़िन्दगी के साज़ों सामान बना दिए और उन जानवरों के लिए भी जिन्हें तुम रोज़ी नहीं देते
21وَإِن مِّن شَيْءٍ إِلَّا عِندَنَا خَزَائِنُهُ وَمَا نُنَزِّلُهُ إِلَّا بِقَدَرٍ مَّعْلُومٍ
और हमारे यहाँ तो हर चीज़ के बेशुमार खज़ाने (भरे) पड़े हैं और हम (उसमें से) एक जची तली मिक़दार भेजते रहते है
22وَأَرْسَلْنَا الرِّيَاحَ لَوَاقِحَ فَأَنزَلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَسْقَيْنَاكُمُوهُ وَمَا أَنتُمْ لَهُ بِخَازِنِينَ
और हम ही ने वह हवाएँ भेजी जो बादलों को पानी से (भरे हुए) है फिर हम ही ने आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने तुम लोगों को वह पानी पिलाया और तुम लोगों ने तो कुछ उसको जमा करके नहीं रखा था
23وَإِنَّا لَنَحْنُ نُحْيِي وَنُمِيتُ وَنَحْنُ الْوَارِثُونَ
और इसमें शक़ नहीं कि हम ही (लोगों को) जिलाते और हम ही मार डालते हैं और (फिर) हम ही (सब के) वाली वारिस हैं
24وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَقْدِمِينَ مِنكُمْ وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَأْخِرِينَ
और बेशक हम ही ने तुममें से उन लोगों को भी अच्छी तरह समझ लिया जो पहले हो गुज़रे और हमने उनको भी जान लिया जो बाद को आने वाले हैं
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अनुवाद — अल-हिज्र 22

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सूरा आयत 22/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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