अल-हिज्र · 23/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
وَإِنَّا لَنَحْنُ نُحْيِي وَنُمِيتُ وَنَحْنُ الْوَارِثُونَ ۝٢٣
Wa innnaa la nahnu nuhyee wa numeetu wa nahnul waarisoon
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें शक़ नहीं कि हम ही (लोगों को) जिलाते और हम ही मार डालते हैं और (फिर) हम ही (सब के) वाली वारिस हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नुहयी (नुहयी): हम जीवन देते हैं, जीवित करते हैं।
  • नुमीतु: हम मृत्यु देते हैं, मारते हैं।
  • अल-वारिसून: (हम ही) वारिस हैं, अर्थात सब कुछ हमारे पास लौटकर आता है, हम ही शेष रहने वाले हैं।

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला अपनी पूर्ण शक्ति और सर्वोच्च अधिकार का वर्णन कर रहा है। वह कहता है कि निश्चय ही हम ही हैं जो जीवन प्रदान करते हैं—हम ही निर्जीव पदार्थ से मनुष्य को रचकर उसमें जान डालते हैं, और हम ही मृतकों को पुनर्जीवित करेंगे। और हम ही मृत्यु देते हैं—जब किसी का नियत समय पूरा होता है, तो हम उसकी आत्मा को उसके शरीर से अलग कर देते हैं। फिर वह कहता है: "और हम ही वारिस हैं," अर्थात जब सारे प्राणी मर जाएँगे और धरती पर जो कुछ भी है, सब समाप्त हो जाएगा, तो केवल हम ही शेष रहेंगे। हम ही उस सबके असली मालिक हैं जो कभी किसी के पास था। इस प्रकार, जीवन, मृत्यु और स्थायित्व—तीनों पहलू पूर्ण रूप से अल्लाह के हाथ में हैं। यह आयत अल्लाह की रूबूबियत (पालनहार होने) और उसकी अकेली पूजा के योग्य होने की सच्चाई को स्पष्ट करती है।

फ़ायदे (लाभ):

  1. इस आयत से हमें यह विश्वास मिलता है कि जीवन और मृत्यु किसी इंसान या किसी अन्य शक्ति के हाथ में नहीं, बल्कि केवल अल्लाह के हाथ में हैं। इसलिए हमें किसी से भय नहीं करना चाहिए और न ही किसी से अकारण आशा रखनी चाहिए।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि यह दुनिया और इसकी सारी चीज़ें अस्थायी हैं; अंततः सब कुछ अल्लाह ही के पास लौटकर जाएगा। इसलिए हमें दुनिया के मोह में नहीं पड़ना चाहिए और न ही अपनी संपत्ति या संतान पर घमंड करना चाहिए।
  3. मृत्यु के बाद पुनर्जीवित होने का उल्लेख हमें याद दिलाता है कि हमारे सभी कर्मों का हिसाब होगा, जिससे हमारे अंदर अच्छे कर्म करने की प्रेरणा पैदा होती है और बुराई से बचने का जज़्बा बढ़ता है।
  4. यह आयत हमें अल्लाह की महान शक्ति का एहसास कराती है, जो हर चीज़ पर क़ादिर है। जब हमें यह यकीन हो जाता है कि अल्लाह मुर्दों को ज़िंदा कर सकता है, तो हमारा दिल उसकी रहमत और मदद पर भरोसा करने लगता है, और हमारा ईमान मज़बूत होता है।


📜 आयत 21-25 — सूरा अल-हिज्र

21وَإِن مِّن شَيْءٍ إِلَّا عِندَنَا خَزَائِنُهُ وَمَا نُنَزِّلُهُ إِلَّا بِقَدَرٍ مَّعْلُومٍ
और हमारे यहाँ तो हर चीज़ के बेशुमार खज़ाने (भरे) पड़े हैं और हम (उसमें से) एक जची तली मिक़दार भेजते रहते है
22وَأَرْسَلْنَا الرِّيَاحَ لَوَاقِحَ فَأَنزَلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَسْقَيْنَاكُمُوهُ وَمَا أَنتُمْ لَهُ بِخَازِنِينَ
और हम ही ने वह हवाएँ भेजी जो बादलों को पानी से (भरे हुए) है फिर हम ही ने आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने तुम लोगों को वह पानी पिलाया और तुम लोगों ने तो कुछ उसको जमा करके नहीं रखा था
23وَإِنَّا لَنَحْنُ نُحْيِي وَنُمِيتُ وَنَحْنُ الْوَارِثُونَ
और इसमें शक़ नहीं कि हम ही (लोगों को) जिलाते और हम ही मार डालते हैं और (फिर) हम ही (सब के) वाली वारिस हैं
24وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَقْدِمِينَ مِنكُمْ وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَأْخِرِينَ
और बेशक हम ही ने तुममें से उन लोगों को भी अच्छी तरह समझ लिया जो पहले हो गुज़रे और हमने उनको भी जान लिया जो बाद को आने वाले हैं
25وَإِنَّ رَبَّكَ هُوَ يَحْشُرُهُمْ ۚ إِنَّهُ حَكِيمٌ عَلِيمٌ
और इसमें शक़ नहीं कि तेरा परवरदिगार वही है जो उन सब को (क़यामत में कब्रों से) उठाएगा बेशक वह हिक़मत वाला वाक़िफकार है
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
23आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 23

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Saturday, October 3, 2026

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