अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जहन्नम: नरक की आग, जो अत्यंत भयानक और कष्टदायक है।
- मौ'इद: वादा किया गया स्थान, अर्थात वह स्थान जहाँ पहुँचने का समय निर्धारित किया गया हो।
- अजमईन: सभी, एक साथ, बिना किसी अपवाद के।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला स्पष्ट कर रहे हैं कि जहन्नम (नरक) उन सभी के लिए निर्धारित स्थान है जो शैतान का अनुसरण करते हैं और उसके मार्ग पर चलते हैं। यह वादा केवल इबलीस के लिए नहीं है, बल्कि उसके सभी अनुयायियों और उन लोगों के लिए है जो उसकी बात मानकर अल्लाह की अवज्ञा करते हैं। यह नरक उन सभी का अंतिम ठिकाना है, चाहे वे कोई भी हों। इसका अर्थ यह है कि शैतान और उसके साथी — चाहे वे जिन्न हों या इंसान — सभी को अपने कर्मों का फल भुगतना होगा। यह अल्लाह का अटल फैसला है जो कभी टलने वाला नहीं। नरक के सात दरवाजे हैं, और हर दरवाजे के लिए उनमें से एक हिस्सा निर्धारित है, जो उनके कर्मों के अनुसार होगा। यह उन लोगों के लिए एक कठोर चेतावनी है जो गुमराही का रास्ता अपनाते हैं और सत्य से मुँह मोड़ते हैं।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह का वादा सत्य है, और उसका फैसला अटल है। जो लोग शैतान का अनुसरण करते हैं, उनका अंत नरक है।
- यह हमें सचेत करती है कि शैतान के बहकावे में आकर हमें अपने अंतिम परिणाम को नहीं भूलना चाहिए। जीवन की परीक्षा में सफल वही है जो अल्लाह की आज्ञा का पालन करे।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और दया असीम है, लेकिन उसका इन्साफ़ भी उतना ही सख्त है। इसलिए हमें अपने कर्मों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अच्छे कामों की ओर बढ़ना चाहिए।
- यह हमें शैतान से सावधान रहने की शिक्षा देती है, क्योंकि वह हमारा खुला दुश्मन है और हमें बहकाने की कोशिश में लगा रहता है। हमें उसके जाल से बचने के लिए अल्लाह की शरण लेनी चाहिए और उसकी याद में लगे रहना चाहिए।
📜 आयत 41-45 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 43
सूरा अल-हिज्र आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हाँ ये भी याद रहे कि उन सब के…सूरा आयत 43/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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