अल-हिज्र · 65/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَاتَّبِعْ أَدْبَارَهُمْ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ وَامْضُوا حَيْثُ تُؤْمَرُونَ ۝٦٥
Fa asri bi ahlika biqit`im minal laili wattabi` adbaarahum wa laa yaltafit minkum ahadunw wamdoo haisu tu`maroon
📖 हिंदी अर्थ
बस तो आप कुछ रात रहे अपने लड़के बालों को लेकर निकल जाइए और आप सब के सब पीछे रहिएगा और उन लोगों में से कोई मुड़कर पीछे न देखे और जिधर (जाने) का हुक्म दिया गया है (शाम) उधर (सीधे) चले जाओ और हमने लूत के पास इस अम्र का क़तई फैसला कहला भेजा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَسْرِ: रात में चलना, रात के समय सफर करना।
  • بِقِطْعٍ مِنَ اللَّيْلِ: रात के कुछ हिस्से में, यानी रात का एक हिस्सा बीत जाने के बाद।
  • وَاتَّبِعْ أَدْبَارَهُمْ: उनके पीछे-पीछे चलो, यानी उनके पीछे रहकर उनकी रक्षा करते हुए चलो।
  • لَا يَلْتَفِتْ: पीछे मुड़कर न देखे।
  • وَامْضُوا: चलो, आगे बढ़ो।
  • حَيْثُ تُؤْمَرُونَ: जिधर तुम्हें आदेश दिया जा रहा है।

तफसीर (व्याख्या):

जब अल्लाह के फरिश्ते हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास आए और उन्हें अपने क़ौम पर आने वाले अज़ाब की खबर दी, तो उन्होंने हज़रत लूत को आदेश दिया कि वे रात के कुछ हिस्से के बीत जाने पर, यानी रात की आखिरी घड़ियों में, अपने घरवालों और अपने ईमानवाले साथियों को लेकर शहर से निकल जाएं। यह इसलिए था ताकि अंधेरे की आड़ में वे सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें और क़ौम के लोगों को उनके जाने का पता न चले।

अल्लाह ने हज़रत लूत को यह भी निर्देश दिया कि वे खुद अपने लोगों के पीछे-पीछे चलें, ताकि कोई भी व्यक्ति पीछे न छूट जाए और अज़ाब की चपेट में न आ जाए। साथ ही उन्हें यह भी कहा गया कि उनमें से कोई भी पीछे मुड़कर न देखे, क्योंकि पीछे मुड़कर देखने से उन्हें वह भयानक दृश्य दिखाई दे सकता था जो उनकी क़ौम पर आने वाला था, और यह उनके लिए बहुत कष्टदायक होता। इसलिए उन्हें आदेश दिया गया कि वे बिना रुके और बिना पीछे देखे उस स्थान की ओर बढ़ते जाएं जिधर जाने का उन्हें आदेश दिया गया था, जो कि शाम (सीरिया) का क्षेत्र था।

यह आदेश इसलिए दिया गया ताकि ईमानवाले अल्लाह के अज़ाब से सुरक्षित रहें और उनकी क़ौम पर जो तबाही आने वाली थी, उससे वे बच जाएं। यह अल्लाह की ओर से अपने नबी और उनके साथियों पर एक विशेष कृपा और रहमत थी।


फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. आज्ञाकारिता में ही भलाई है: जब अल्लाह किसी काम का आदेश देता है, तो उसमें ही बंदे की भलाई होती है, भले ही वह आदेश कठिन या अजीब क्यों न लगे। हज़रत लूत ने बिना किसी सवाल के अल्लाह के आदेश का पालन किया और उनकी क़ौम अज़ाब से बच गई।
  2. परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी: नबी और रसूल का फर्ज़ है कि वे अपने परिवार और अनुयायियों की सुरक्षा का ध्यान रखें। हज़रत लूत को आदेश दिया गया कि वे अपने परिवार को लेकर निकलें और उनके पीछे-पीछे चलें ताकि कोई पीछे न छूटे।
  3. बुराई से दूरी: जब किसी समाज पर अल्लाह का अज़ाब आता है, तो ईमानवालों को चाहिए कि वे उस जगह से दूर हो जाएं और बुराई के वातावरण में न रहें। यह हमें सिखाता है कि बुराई के स्थानों और बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।
  4. अल्लाह पर भरोसा: हज़रत लूत को यह नहीं बताया गया था कि वे किस रास्ते से जाएंगे या कहाँ पहुंचेंगे, बस उन्हें कहा गया कि "जिधर तुम्हें आदेश दिया जा रहा है" वहाँ चलो। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे अच्छा मार्गदर्शक है।
  5. पीछे मुड़कर न देखना: यह एक बहुत बड़ी शिक्षा है कि जब हम अल्लाह की राह पर चल पड़ें, तो पीछे की बुराइयों और गुनाहों की ओर नहीं देखना चाहिए। पीछे देखना कमजोरी की निशानी है और इंसान को आगे बढ़ने से रोकता है।


📜 आयत 63-67 — सूरा अल-हिज्र

63قَالُوا بَلْ جِئْنَاكَ بِمَا كَانُوا فِيهِ يَمْتَرُونَ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे
64وَأَتَيْنَاكَ بِالْحَقِّ وَإِنَّا لَصَادِقُونَ
(कि आए न आए) और हम आप के पास (अज़ाब का) कलई (सही) हुक्म लेकर आए हैं और हम बिल्कुल सच कहते हैं
65فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَاتَّبِعْ أَدْبَارَهُمْ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ وَامْضُوا حَيْثُ تُؤْمَرُونَ
बस तो आप कुछ रात रहे अपने लड़के बालों को लेकर निकल जाइए और आप सब के सब पीछे रहिएगा और उन लोगों में से कोई मुड़कर पीछे न देखे और जिधर (जाने) का हुक्म दिया गया है (शाम) उधर (सीधे) चले जाओ और हमने लूत के पास इस अम्र का क़तई फैसला कहला भेजा
66وَقَضَيْنَا إِلَيْهِ ذَٰلِكَ الْأَمْرَ أَنَّ دَابِرَ هَٰؤُلَاءِ مَقْطُوعٌ مُّصْبِحِينَ
कि बस सुबह होते होते उन लोगों की जड़ काट डाली जाएगी
67وَجَاءَ أَهْلُ الْمَدِينَةِ يَسْتَبْشِرُونَ
और (ये बात हो रही थीं कि) शहर के लोग (मेहमानों की ख़बर सुन कर बुरी नीयत से) खुशियाँ मनाते हुए आ पहुँचे
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
65आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 65

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Thursday, October 1, 2026

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