अल-हिज्र · 64/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
وَأَتَيْنَاكَ بِالْحَقِّ وَإِنَّا لَصَادِقُونَ ۝٦٤
Wa atainaaka bilhaqqi wa innaa lasaadiqoon
📖 हिंदी अर्थ
(कि आए न आए) और हम आप के पास (अज़ाब का) कलई (सही) हुक्म लेकर आए हैं और हम बिल्कुल सच कहते हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِالْحَقِّ: सत्य के साथ, अटल और निश्चित वास्तविकता के साथ।
  • لَصَادِقُونَ: निश्चय ही हम सच्चे हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अल्लाह के फ़रिश्ते हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के पास आए और उन्हें लूत की क़ौम पर आने वाले अज़ाब की ख़बर दी, तो हज़रत इब्राहीम को यह बात अजीब लगी, क्योंकि उन्होंने पहले उनका स्वागत किया और उन्हें मेहमान समझा। फ़रिश्तों ने उनके डर और हैरानी को दूर करने के लिए कहा: "हम तुम्हारे पास सत्य के साथ आए हैं।" यानी हम जो ख़बर लेकर आए हैं, वह कोई मज़ाक या झूठ नहीं है, बल्कि अल्लाह की ओर से निश्चित और अटल फ़ैसला है। हम तुम्हें जो बता रहे हैं, वह यक़ीनी तौर पर सच है — कि लूत की क़ौम पर अज़ाब आने वाला है, और यह अज़ाब उन लोगों पर नाज़िल होगा जिन्होंने अल्लाह के हुक्म को झुठलाया और बुराई में हद से गुज़र गए। फ़रिश्तों ने यह भी बताया कि हम सच्चे हैं और हमारी बात में कोई संदेह नहीं, इसलिए आप अपने परिवार के साथ रात के कुछ हिस्से में वहाँ से निकल जाइए, और पीछे मुड़कर न देखिए, ताकि आप और आपके साथी अज़ाब से महफ़ूज़ रहें।

फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह के फ़रिश्ते सच्चाई और सत्य के साथ आते हैं, और उनकी हर ख़बर अल्लाह की ओर से होती है, इसलिए उन पर भरोसा करना चाहिए।
  2. अल्लाह के नबी और उनके अनुयायी जब अल्लाह के हुक्म पर अमल करते हैं, तो अल्लाह उन्हें अज़ाब से बचा लेता है — यह अल्लाह की रहमत है।
  3. सच्चाई और स्पष्टता इस्लाम की पहचान है; हर मामले में सच बोलना और सच पर क़ायम रहना चाहिए।
  4. जब अल्लाह की ओर से कोई फ़ैसला आ जाए, तो उसमें देरी या संदेह नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत उस पर अमल करना चाहिए।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के वादे सच्चे हैं, और उसकी मदद और बचाव उसी पर भरोसा करने वालों के साथ होता है।
🎧 सुनें

📜 आयत 62-66 — अल-हिज्र

62قَالَ إِنَّكُمْ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ
फरिश्तों ने कहा (नहीं) बल्कि हम तो आपके पास वह (अज़ाब) लेकर आए हैं
63قَالُوا بَلْ جِئْنَاكَ بِمَا كَانُوا فِيهِ يَمْتَرُونَ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे
64وَأَتَيْنَاكَ بِالْحَقِّ وَإِنَّا لَصَادِقُونَ
(कि आए न आए) और हम आप के पास (अज़ाब का) कलई (सही) हुक्म लेकर आए हैं और हम बिल्कुल सच कहते हैं
65فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَاتَّبِعْ أَدْبَارَهُمْ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ وَامْضُوا حَيْثُ تُؤْمَرُونَ
बस तो आप कुछ रात रहे अपने लड़के बालों को लेकर निकल जाइए और आप सब के सब पीछे रहिएगा और उन लोगों में से कोई मुड़कर पीछे न देखे और जिधर (जाने) का हुक्म दिया गया है (शाम) उधर (सीधे) चले जाओ और हमने लूत के पास इस अम्र का क़तई फैसला कहला भेजा
66وَقَضَيْنَا إِلَيْهِ ذَٰلِكَ الْأَمْرَ أَنَّ دَابِرَ هَٰؤُلَاءِ مَقْطُوعٌ مُّصْبِحِينَ
कि बस सुबह होते होते उन लोगों की जड़ काट डाली जाएगी
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीRevelation
64आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 64

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Tuesday, August 18, 2026

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