अल-हिज्र · 75/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّلْمُتَوَسِّمِينَ ۝٧٥
Inna fee zaalika la Aayaatil lilmutawassimeen
📖 हिंदी अर्थ
और वह उलटी हुई बस्ती हमेशा (की आमदरफ्त)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِلْمُتَوَسِّمِينَ: उन लोगों के लिए जो गहराई से देखते हैं, सोच-विचार करते हैं और संकेतों को समझते हैं। यह उन लोगों के लिए है जो चीज़ों के पीछे छिपी हुई सीख को पहचानते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि निश्चय ही उन घटनाओं में — जो क़ौमे-लूत (हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम) पर आईं, जब उन्हें उनके कुकर्मों (समलैंगिकता और अल्लाह की नाफ़रमानी) की सज़ा में पलटा दिया गया और उन पर पत्थरों की बारिश की गई — उन लोगों के लिए बड़ी निशानियाँ और सबक हैं जो दिल की आँखों से देखते हैं, जो हर चीज़ में अल्लाह की क़ुदरत और उसके इन्साफ़ के निशान तलाश करते हैं। ये निशानियाँ सिर्फ़ सुनने वालों के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए हैं जो ग़ौर-ओ-फ़िक्र करते हैं, जो इन घटनाओं से सीख लेते हैं और अपने आचरण को सुधारते हैं। यह एक ऐसा संकेत है जो समझदार और बुद्धिमान लोगों को रास्ता दिखाता है कि अल्लाह की पकड़ कितनी सख्त है और उसके हुक्म के आगे कोई ताक़त नहीं चल सकती।

फ़ायदे (सीख):

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि इतिहास की घटनाएँ सिर्फ़ कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उनमें अल्लाह की तरफ़ से इंसानों के लिए सबक और नसीहत छिपी हुई है। जो लोग इन्हें पढ़ते हैं और सीख लेते हैं, वही सच्चे समझदार हैं।
  2. यह हमें बताती है कि अल्लाह की नज़र में इंसान का दिल और उसकी समझ बहुत कीमती है। जो लोग अपनी आँखों से देखते हुए भी अंधे रहते हैं और दिल से सोचते नहीं, वे इन निशानियों से महरूम रहते हैं।
  3. यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है — कि हम अपने कर्मों को सुधारें और उन रास्तों से बचें जो क़ौमे-लूत जैसी तबाही का कारण बने। इस्लाम हमें पाकीज़गी, हया और अच्छे आचरण की तरफ़ ले जाता है, जो दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई का ज़रिया है।


📜 आयत 73-77 — अल-हिज्र

73فَأَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ مُشْرِقِينَ
(लूत की सुनते काहे को) ग़रज़ सूरज निकलते निकलते उनको (बड़े ज़ोरो की) चिघाड़ न ले डाला
74فَجَعَلْنَا عَالِيَهَا سَافِلَهَا وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّن سِجِّيلٍ
फिर हमने उसी बस्ती को उलट कर उसके ऊपर के तबके क़ो नीचे का तबक़ा बना दिया और उसके ऊपर उन पर खरन्जे के पत्थर बरसा दिए इसमें शक़ नहीं कि इसमें (असली बात के) ताड़ जाने वालों के लिए (कुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
75إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّلْمُتَوَسِّمِينَ
और वह उलटी हुई बस्ती हमेशा (की आमदरफ्त)
76وَإِنَّهَا لَبِسَبِيلٍ مُّقِيمٍ
के रास्ते पर है
77إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّلْمُؤْمِنِينَ
इसमें तो शक हीं नहीं कि इसमें ईमानदारों के वास्ते (कुदरते ख़ुदा की) बहुत बड़ी निशानी है
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अनुवाद — अल-हिज्र 75

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Tuesday, August 18, 2026

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