अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَالِيَهَا سَافِلَهَا: उनकी बस्तियों का ऊपरी हिस्सा निचला कर दिया।
- أَمْطَرْنَا: हमने बरसाया।
- حِجَارَةً مِّن سِجِّيلٍ: पकी हुई मिट्टी के पत्थर (जो आग में पकाए गए हों या कठोर मिट्टी से बने हों)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने अपनी सारी हदों को पार कर दिया और अल्लाह के आदेशों की अवहेलना करते हुए अश्लील कर्मों पर अड़ी रही, तो अल्लाह तआला ने उन पर अपना अज़ाब नाज़िल किया। अल्लाह ने उनकी बस्तियों को उलट दिया—यानी जो ऊपर था उसे नीचे कर दिया और जो नीचे था उसे ऊपर कर दिया। यह उनके पापों की सज़ा थी कि उनके घर और इमारतें तबाह हो गईं और उनके सिर उनके पैरों की तरफ हो गए। इसके बाद अल्लाह ने उन पर पकी हुई मिट्टी के कठोर पत्थरों की बारिश की, जो उन लोगों पर गिरे जो शहर से बाहर थे या बच निकलने की कोशिश कर रहे थे। ये पत्थर इस क़दर सख्त थे कि किसी भी चीज़ को चीरते हुए निकल जाते थे और किसी को बचने का मौका नहीं देते थे। यह अज़ाब उनके कुकर्मों का सीधा नतीजा था, क्योंकि उन्होंने अल्लाह के नबी को झुठलाया और अपनी शर्मनाक हरकतों से अल्लाह की रहमत से महरूम हो गए।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है—जब वह किसी क़ौम पर अज़ाब नाज़िल करता है, तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह की नाफ़रमानी से बचे।
- यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबियों की बात मानना और उनकी उम्मत में शामिल होना कितनी बड़ी नेमत है। जो लोग नबी की नसीहत को ठुकराते हैं, वे तबाही के हक़दार बन जाते हैं।
- अल्लाह की रहमत और अज़ाब दोनों उसके हाथ में हैं। जब तक मौका हो, इंसान को तौबा कर लेना चाहिए, क्योंकि अज़ाब आने के बाद पछतावा किसी काम नहीं आता।
- यह क़िस्सा हमें याद दिलाता है कि अल्लाह की नज़र में पापों की सज़ा सिर्फ आख़िरत में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो सकती है। इसलिए हर मुसलमान को अपने अमल की इस्लाह (सुधार) करते रहना चाहिए और अल्लाह से डरते हुए ज़िंदगी गुज़ारनी चाहिए।
📜 आयत 72-76 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 74
सूरा अल-हिज्र आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उसी बस्ती को उलट कर उसके ऊपर के…सूरा आयत 74/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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