अल-हिज्र · 95/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
إِنَّا كَفَيْنَاكَ الْمُسْتَهْزِئِينَ ۝٩٥
Innaa kafainaakal mustahzi`een
📖 हिंदी अर्थ
जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَفَيْنَاكَ: हमने आपके लिए काफी कर दिया, यानी आपको उनके मुकाबले में किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं रही और उनका मुक़ाबला करने का भार हमने अपने ज़िम्मे ले लिया।
  • الْمُسْتَهْزِئِينَ: वे लोग जो मज़ाक उड़ाते हैं, ठट्ठा करते हैं, और उपहास करते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली देते हुए फ़रमा रहे हैं कि ऐ मेरे रसूल! जो लोग आपका, आपके पैग़ाम का, और आपके द्वारा लाए गए क़ुरआन का मज़ाक उड़ाते हैं, उनके बारे में आप बिल्कुल चिंतित न हों। हमने स्वयं उनके लिए काफी हैं। ये मक्का के कुछ काफ़िर सरदार और क़ुरैश के बुज़ुर्ग थे, जो आपका उपहास करते थे और आपके साथ बुरा सलूक करते थे। अल्लाह ने अपने नबी को यक़ीन दिलाया कि उनका मुक़ाबला करना, उनकी शरारतों से बचाना, और उन्हें सज़ा देना — यह सब हमारा काम है। हमने उन्हें आपके मुक़ाबले से हटा दिया और उन्हें ऐसी सज़ा दी जो उनके लिए ज़िल्लत का सबब बनी। यह वादा उस वक़्त पूरा हुआ जब अल्लाह ने उनमें से कुछ को बद्र के मैदान में हलाक किया, कुछ को दूसरे मौक़ों पर, और उनकी शरारतों का अंजाम उन्हें दिखा दिया। यानी अल्लाह ने अपने नबी की तरफ़ से उनका मुक़ाबला खुद किया और उन्हें नाकाम किया।

फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह अपने नबियों की हिफ़ाज़त खुद करता है, और उनके दुश्मनों का मुक़ाबला उनके साथियों पर छोड़ने के बजाय खुद अपने ज़िम्मे लेता है। यह नबी ﷺ के लिए सबसे बड़ी तसल्ली और इज़्ज़त की बात है।
  2. मज़ाक उड़ाने वालों और उपहास करने वालों का अंजाम बुरा होता है। अल्लाह उन्हें उनकी सज़ा ज़रूर देता है, चाहे वह दुनिया में हो या आख़िरत में।
  3. इस आयत से हमें सबक मिलता है कि जब हम अल्लाह के दीन की ख़िदमत करते हैं और उसके रास्ते में मुश्किलों का सामना करते हैं, तो हमें यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हमारी मदद करेगा और हमारे दुश्मनों का मुक़ाबला खुद करेगा।
  4. यह आयत मुसलमानों को हिम्मत और साहस देती है कि वे सच्चाई पर डटे रहें, चाहे लोग उनका मज़ाक उड़ाएँ या उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करें, क्योंकि अल्लाह उनके साथ है।
  5. अल्लाह का वादा सच्चा है — जो लोग उसके दीन और उसके नबी का मज़ाक उड़ाते हैं, उन्हें अल्लाह ज़रूर ज़लील करता है, चाहे वह कितने भी ताक़तवर क्यों न हों।


📜 आयत 93-97 — अल-हिज्र

93عَمَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ
पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो
94فَاصْدَعْ بِمَا تُؤْمَرُ وَأَعْرِضْ عَنِ الْمُشْرِكِينَ
और मुशरेकीन की तरफ से मुँह फेर लो
95إِنَّا كَفَيْنَاكَ الْمُسْتَهْزِئِينَ
जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है
96الَّذِينَ يَجْعَلُونَ مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ ۚ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
और ख़ुदा के साथ दूसरे परवरदिगार को (शरीक) ठहराते हैं हम तुम्हारी तरफ से उनके लिए काफी हैं तो अनक़रीब ही उन्हें मालूम हो जाएगा
97وَلَقَدْ نَعْلَمُ أَنَّكَ يَضِيقُ صَدْرُكَ بِمَا يَقُولُونَ
कि तुम जो इन (कुफ्फारों मुनाफिक़ीन) की बातों से दिल तंग होते हो उसको हम ज़रुर जानते हैं
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीRevelation
95आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 95

सूरा अल-हिज्र आयत 95 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है

सूरा आयत 95/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 93–97. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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