अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَجْعَلُونَ: बनाते हैं, ठहराते हैं
- إِلَٰهًا آخَرَ: कोई और पूज्य/उपास्य
- فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ: तो वे शीघ्र ही जान लेंगे (अपने किए का परिणाम)
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अल्लाह के साथ किसी और को पूज्य ठहराते हैं। ये वे लोग हैं जो मूर्तियों, पत्थरों या अन्य चीज़ों को अल्लाह का साझीदार बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग जल्द ही जान लेंगे कि उनका यह काम कितना बुरा और विनाशकारी था। यह धमकी और चेतावनी है कि उन्हें अपने शिर्क का बुरा अंजाम देखना होगा — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। जब सज़ा आएगी, तब उन्हें पता चलेगा कि उन्होंने कितनी बड़ी ग़लती की थी, लेकिन तब पछतावा किसी काम न आएगा।
फ़ायदे और सबक:
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के साथ किसी को साझीदार बनाना सबसे बड़ा पाप है, और अल्लाह इस पर कभी माफ़ी नहीं देता जब तक इंसान तौबा न करे।
- अल्लाह की सज़ा में देरी उसकी मेहरबानी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सज़ा नहीं आएगी — हर ग़लत काम का अंजाम ज़रूर सामने आएगा।
- एक मुसलमान को चाहिए कि वह अपने जीवन में तौहीद (अल्लाह की एकता) को मज़बूती से थामे रखे और हर उस चीज़ से बचे जो शिर्क की तरफ ले जाए — चाहे वह बड़ी हो या छोटी।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने नबी (ﷺ) का साथ देता है और उनका मज़ाक उड़ाने वालों को कभी नहीं छोड़ता — यह हर उस इंसान के लिए तसल्ली है जो सच्चाई पर है और उसे ठेस पहुँचाई जाती है।
- हमें चाहिए कि हम अपने अंदर यह यक़ीन पैदा करें कि अल्लाह हर चीज़ का हिसाब लेने वाला है, और यही यक़ीन हमें सीधे रास्ते पर चलने में मदद करता है।
📜 आयत 94-98 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 96
सूरा अल-हिज्र आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा के साथ दूसरे परवरदिगार को (शरीक) ठहराते हैं…सूरा आयत 96/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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