अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَضِيقُ صَدْرُكَ: तुम्हारा सीना तंग होता है, अर्थात् तुम्हें कष्ट और संकट होता है।
- بِمَا يَقُولُونَ: उन बातों के कारण जो वे (मुशरिकीन) कहते हैं।
तफसीर:
ऐ नबी! हमें भली-भाँति ज्ञात है कि जो बातें ये मुशरिकीन तुम्हारे विषय में कहते हैं—तुम्हें झुठलाते हैं, तुम्हारा उपहास करते हैं, और तुम्हारे दीन (इस्लाम) का मज़ाक उड़ाते हैं—उन सबके कारण तुम्हारा सीना तंग होता है और तुम्हें गहरा दुःख पहुँचता है। यह तुम्हारा दुःख स्वाभाविक है, क्योंकि तुम अपनी उम्मत की हिदायत के लिए बेचैन रहते हो, और उनका यह व्यवहार तुम्हारे लिए अत्यंत कष्टदायक है। अल्लाह तआला को इस बात का पूर्ण ज्ञान है, और वह तुम्हारे इस दुःख को देख रहा है। यह आयत नबी ﷺ के लिए तसल्ली और दिलासे का सबब है कि अल्लाह उनके हाल से बाख़बर है और वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ के दुःख और कष्ट से पूर्णतः अवगत है, और यह जानना मोमिन के लिए सबसे बड़ी तसल्ली है कि उसका रब उसकी हर तकलीफ़ को देखता और समझता है।
- नबी ﷺ की उम्मत के लिए यह सबक़ है कि जब उन्हें दीन के मामले में कष्ट पहुँचे, तो वे अल्लाह की तरफ रुजू करें और उसी से मदद माँगें, क्योंकि अल्लाह अपने बंदों के हाल से बेख़बर नहीं।
- यह आयत सब्र और दृढ़ता की तालीम देती है—जब दुश्मनों की बातों से दिल तंग हो, तो यह याद रखें कि अल्लाह की नज़र हम पर है और वही हमारा मददगार है।
- इससे यह भी पता चलता है कि नबी ﷺ की शख्सियत इंसानी जज़्बात से खाली नहीं थी; वे भी दुःख महसूस करते थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें इस दुःख से निकलने का रास्ता दिखाया—तस्बीह और इबादत का, जैसा कि अगली आयत में आता है। यह हमारे लिए नमूना है कि मुसीबत में इबादत और ज़िक्र ही असली सहारा है।
📜 आयत 95-99 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 97
सूरा अल-हिज्र आयत 97 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि तुम जो इन (कुफ्फारों मुनाफिक़ीन) की बातों से दिल…सूरा आयत 97/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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