अल-हिज्र · 98/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَكُن مِّنَ السَّاجِدِينَ ۝٩٨
Fasbbih bihamdi Rabbika wa kum minas saajideen
📖 हिंदी अर्थ
तो तुम अपने परवरदिगार की हम्दो सना से उसकी तस्बीह करो और (उसकी बारगाह में) सजदा करने वालों में हो जाओ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَسَبِّحْ: अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करो, उसे हर दोष से मुक्त घोषित करो।
  • بِحَمْدِ رَبِّكَ: अपने रब की प्रशंसा के साथ (अर्थात् उसकी तारीफ़ करते हुए उसे पवित्र बताओ)।
  • مِنَ السَّاجِدِينَ: सजदा करने वालों में से हो जाओ, अर्थात् नमाज़ पढ़ने वालों और अल्लाह के आगे झुकने वालों में शामिल हो जाओ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब आपका दिल तंग हो, मन परेशान हो, या जीवन की कठिनाइयाँ आपको घेर लें, तो उस समय घबराना या निराश न हों। इसका सबसे अच्छा इलाज यह है कि आप अल्लाह की ओर रुजू करें। उसकी पवित्रता का वर्णन करें — यानी उसे हर कमी, हर दोष और हर बुराई से पाक और मुक्त मानें। साथ ही उसकी प्रशंसा करें, उसके गुणों का ज़िक्र करें, उसे याद करें और उसका शुक्र अदा करें। यह कहें: "सुब्हानल्लाहि व बिहम्दिही" (अल्लाह पाक है और उसी की प्रशंसा है)।

फिर अल्लाह के आगे सजदे में गिर जाएँ — नमाज़ पढ़ें, उसकी इबादत करें। सजदा वह अवस्था है जहाँ बंदा अपने रब के सबसे करीब होता है। नमाज़ और सजदे में वह सुकून है जो दिल की हर बेचैनी को दूर कर देता है। जो व्यक्ति इन चीज़ों को अपनाता है, अल्लाह उसकी परेशानियों को दूर करता है और उसके दिल को सुकून देता है। यही वह रास्ता है जो आपको हर मुश्किल से निकालता है और आपके सीने को खोल देता है।

फ़ायदे (उपदेश):

  1. परेशानी और तंगदिली का सबसे बेहतरीन इलाज अल्लाह की तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) और उसकी हम्द (प्रशंसा) है। यह दिल को राहत देता है और मन को सुकून पहुँचाता है।
  2. सजदा और नमाज़ सिर्फ़ एक इबादत नहीं, बल्कि एक ऐसा ज़रिया है जिससे बंदा अपने रब से जुड़ता है और उसकी मदद पाता है। सजदे में बंदा अपने रब के सबसे करीब होता है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबत के वक़्त शिकायत करने या निराश होने के बजाय अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए। जो अल्लाह की याद में लगा रहता है, अल्लाह उसे हर मुश्किल से निकालता है।
  4. इस्लाम हमें सिखाता है कि इबादत सिर्फ़ औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की हर समस्या का हल है। नमाज़ और सजदे में वह ताक़त है जो इंसान को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मज़बूत बनाती है।
  5. यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की याद और उसकी इबादत में ही असली खुशी और चैन है — यही वह रास्ता है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।


📜 आयत 96-99 — सूरा अल-हिज्र

96الَّذِينَ يَجْعَلُونَ مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ ۚ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
और ख़ुदा के साथ दूसरे परवरदिगार को (शरीक) ठहराते हैं हम तुम्हारी तरफ से उनके लिए काफी हैं तो अनक़रीब ही उन्हें मालूम हो जाएगा
97وَلَقَدْ نَعْلَمُ أَنَّكَ يَضِيقُ صَدْرُكَ بِمَا يَقُولُونَ
कि तुम जो इन (कुफ्फारों मुनाफिक़ीन) की बातों से दिल तंग होते हो उसको हम ज़रुर जानते हैं
98فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَكُن مِّنَ السَّاجِدِينَ
तो तुम अपने परवरदिगार की हम्दो सना से उसकी तस्बीह करो और (उसकी बारगाह में) सजदा करने वालों में हो जाओ
99وَاعْبُدْ رَبَّكَ حَتَّىٰ يَأْتِيَكَ الْيَقِينُ
और जब तक तुम्हारे पास मौत आए अपने परवरदिगार की इबादत में लगे रहो
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
98आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 98

सूरा अल-हिज्र आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम अपने परवरदिगार की हम्दो सना से उसकी तस्बीह…

सूरा आयत 98/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 96–99. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए