अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُجَادِلُ: झगड़ा करना, बहस करना, अपनी सफाई पेश करना।
- عَن نَّفْسِهَا: अपनी जान (स्वयं) की ओर से।
- وَتُوَفَّىٰ: पूरा-पूरा दिया जाएगा, बदला चुका दिया जाएगा।
- لَا يُظْلَمُونَ: उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप लोगों को उस दिन की याद दिलाइए जब हर व्यक्ति (क़यामत के दिन) आएगा और केवल अपनी ही रक्षा के लिए बहस करेगा। उस दिन हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में होगा, वह किसी और की मदद नहीं कर सकेगा, न ही किसी और के लिए सिफ़ारिश करने की उसे फ़ुर्सत होगी। हर कोई अपने ही बचाव के लिए दलीलें पेश करेगा, चाहे वह दलीलें झूठी ही क्यों न हों।
उस दिन हर व्यक्ति को उसके किए हुए अच्छे और बुरे कर्मों का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। जिसने नेकी की होगी, उसे उसका पूरा सवाब मिलेगा, और जिसने गुनाह किए होंगे, उसे उसकी पूरी सज़ा मिलेगी। अल्लाह तआला किसी पर ज़ुल्म नहीं करेगा — न किसी की नेकियों में कमी की जाएगी, न किसी के गुनाहों में ज़्यादती की जाएगी। हर किस्म का इंसाफ़ उस दिन पूरी तरह से होगा।
फ़ायदे (सबक):
- आत्म-जवाबदेही: यह आयत हमें सिखाती है कि क़यामत के दिन हर इंसान अकेला होगा और उसे अपने ही कर्मों का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें अपने आचरण को सुधारना चाहिए और अच्छे कर्म करने चाहिए।
- अल्लाह का पूर्ण न्याय: अल्लाह तआला बिल्कुल न्यायपूर्ण है। वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता। यह हमारे दिलों को तसल्ली देता है कि दुनिया में चाहे कितना भी ज़ुल्म हो, आख़िरत में हर इंसान को उसका सही हक़ मिलेगा।
- दुनिया की फ़िक्र से ऊपर उठना: जब हमें याद होगा कि एक दिन हमें अकेले अपने कर्मों का हिसाब देना है, तो हम दुनिया के झूठे झगड़ों, लालच और बेईमानी से बचेंगे और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाने की कोशिश करेंगे।
- रहमत की उम्मीद: यह आयत यह भी बताती है कि अल्लाह रहीम और करीम है — वह नेकियों का पूरा बदला देगा और गुनाहों में ज़्यादती नहीं करेगा। यह हमें तौबा करने और अल्लाह की रहमत से निराश न होने की तरग़ीब देता है।
📜 आयत 109-113 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 111
सूरा अन-नहल आयत 111 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उस दिन को याद) करो जिस दिन हर शख़्श…सूरा आयत 111/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 109–113. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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