अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अफ़मन यख़्लुक़ु: क्या जो पैदा करता है (अल्लाह)
- कमन ला यख़्लुक़ु: उसके समान है जो पैदा नहीं करता (मूर्तियाँ और झूठे देवता)
- अफ़ला तज़क्करून: क्या तुम नसीहत और सीख नहीं लेते?
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में एक अत्यंत स्पष्ट और तर्कपूर्ण प्रश्न पूछ रहा है — क्या वह जो सृष्टि करता है, वह उसके समान हो सकता है जो कुछ भी सृष्टि नहीं करता? यानी, अल्लाह जो आसमान, ज़मीन, पहाड़, नदियाँ, इंसान, जानवर, पेड़-पौधे — सब कुछ पैदा करता है, क्या वह उन मूर्तियों और झूठे देवताओं के बराबर हो सकता है जो न तो कुछ पैदा करते हैं, न किसी को फ़ायदा पहुँचा सकते हैं और न ही नुक़सान?
यह प्रश्न स्वयं ही उत्तर दे देता है — बिल्कुल नहीं! जो सृष्टिकर्ता है, वह सृष्टि नहीं करने वालों से कभी बराबर नहीं हो सकता। फिर भी, कुछ लोग इन निर्जीव मूर्तियों को अल्लाह का भागीदार बना लेते हैं और उनकी पूजा करते हैं। यह कितनी बड़ी नासमझी और भ्रम की बात है!
अल्लाह फरमाता है: "क्या तुम नसीहत नहीं लेते?" यानी, क्या तुम्हारी अक़्ल और समझ इस कदर मृत हो गई है कि तुम इस सरल सत्य को नहीं समझते? जो खुद कुछ बनाने की क्षमता नहीं रखता, वह पूजा का हक़दार कैसे हो सकता है? पूजा तो केवल उसी की होनी चाहिए जो सब कुछ बनाने वाला है।
फ़ायदे (सीख):
- तौहीद (एकेश्वरवाद) की सबसे बड़ी दलील: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पूजा का सबसे बड़ा प्रमाण उसकी सृष्टि है। जो सृष्टि करता है, वही पूजा का हक़दार है।
- अक़्ल का इस्तेमाल: इस्लाम हमें सिखाता है कि हम अपनी अक़्ल और समझ का इस्तेमाल करें। अंधी पैरवी और बिना सोचे-समझे रीति-रिवाज़ों का पालन इस्लाही तरीक़ा नहीं है।
- अल्लाह की क़ुदरत पर ग़ौर: जब हम अपने चारों ओर देखते हैं — यह विशाल ब्रह्मांड, यह सुंदर प्रकृति, हमारा अपना शरीर — तो हमें अल्लाह की महानता का अहसास होता है। यह अहसास हमें उसकी इबादत की ओर खींचता है।
- सच्ची आज़ादी: मूर्तियों और झूठे देवताओं की पूजा से मुक्त होकर केवल अल्लाह की इबादत करना ही सच्ची आज़ादी है। यह इंसान को ग़ुलामी से निकालकर सच्चे मालिक की ओर ले जाती है।
- नसीहत लेने की तरग़ीब: अल्लाह हमें बार-बार नसीहत लेने की तरग़ीब देता है। क़ुरआन की हर आयत हमारे लिए एक सबक़ है, बशर्ते हम उसे खुले दिल से पढ़ें और समझें।
📜 आयत 15-19 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 17
सूरा अन-नहल आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि तुम (अपनी अपनी मंज़िले मक़सूद तक पहुँचों (उसके अलावा…सूरा आयत 17/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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